Showing posts with label amitabh bachan. Show all posts
Showing posts with label amitabh bachan. Show all posts

Saturday, May 2, 2015

"यह कहाँ आ गए हम..." और "हम कहाँ खो गए..." गीतों का आपस में क्या सम्बन्ध है?


एक गीत सौ कहानियाँ - 58
 

यह कहाँ आ गए हम...’




रेडियो प्लेबैक इण्डिया' के सभी श्रोता-पाठकों को सुजॉय चटर्जी का प्यार भरा नमस्कार। दोस्तों, हम रोज़ाना रेडियो पर, टीवी पर, कम्प्यूटर पर, और न जाने कहाँ-कहाँ, जाने कितने ही गीत सुनते हैं, और गुनगुनाते हैं। ये फ़िल्मी नग़में हमारे साथी हैं सुख-दुख के, त्योहारों के, शादी और अन्य अवसरों के, जो हमारे जीवन से कुछ ऐसे जुड़े हैं कि इनके बिना हमारी ज़िन्दगी बड़ी ही सूनी और बेरंग होती। पर ऐसे कितने गीत होंगे जिनके बनने की कहानियों से, उनसे जुड़े दिलचस्प क़िस्सों से आप अवगत होंगे? बहुत कम, है न? कुछ जाने-पहचाने, और कुछ कमसुने फ़िल्मी गीतों की रचना प्रक्रिया, उनसे जुड़ी दिलचस्प बातें, और कभी-कभी तो आश्चर्य में डाल देने वाले तथ्यों की जानकारियों को समेटता है 'रेडियो प्लेबैक इण्डिया' का यह स्तम्भ 'एक गीत सौ कहानियाँ'। इसकी 58-वीं कड़ी में आज जानिये फ़िल्म ’सिलसिला’ के मशहूर गीत "ये कहाँ आ गए है..." के बारे में जिसे लता मंगेशकर और अमिताभ बच्चन ने गाया था। 


फ़िल्म ’सिलसिला’ यश चोपड़ा की एक महत्वाकांक्षी फ़िल्म थी जो बॉक्स ऑफ़िस पर असफल रही। पर फ़िल्म के गीत-संगीत का पक्ष ज़बरदस्त था। संगीतकार जोड़ी शिव-हरि ने पहली बार किसी फ़िल्म में बतौर संगीतकार काम किया इस फ़िल्म में। लता मंगेशकर और अमिताभ बच्चन के गाए इस असाधारण और अद्वितीय गीत के बारे में जानिए शिव-हरि के पंडित शिव कुमार शर्मा के मुख से - "आपने एक चीज़ पे ग़ौर किया होगा, यह एक ’अन-यूज़ुअल’ गीत है। मैं आपको इसका बैकग्राउण्ड बताऊँगा कि यह गाना कैसे बना। शुरू में यश जी ने कहा कि मैं कुछ ऐसा करना चाहता हूँ कि नायक अपने ख़यालों में बैठा हुआ है और कुछ पोएट्री लिख रहा है, या पोएट्री रीसाइट कर रहा है, शेर-ओ-शायरी कुछ, और बीच में कुछ आलाप ले आएँगे, लता जी की आवाज़ में कुछ आलाप ले आएँगे बीच बीच में, ऐसा कुछ। तो इस तरह का सोच कर के शुरू किया कि थोड़ा म्युज़िक रहेगा, थोड़ी शेर-ओ-शायरी होगी, और फिर कुछ बीच में आलाप आएगा। यह बिल्कुल नहीं सोचा था कि इस तरह का गाना बनेगा। बनते-बनते, जैसा होता है कि उस ज़माने में अमिताभ बच्चन, अभी भी उतने ही बिज़ी हैं, उस ज़माने की क्या बात कहें, कि वो बारह-एक बजे जब उनके शूटिंग्‍ की शिफ़्ट ख़त्म होती थी, तो वो आते थे, और फिर आकर के हमारे साथ बैठते थे क्योंकि उन्होंने गाने भी गाए हैं, होली का जो गाना है, और "नीला आसमाँ", तो यह गाना जब बनने लगा तो उसकी शुरुआत ऐसे ही हुई, बनते बनते कुछ उसमें धुन का ज़िक्र जब आया, तो जावेद अख़्तर इसमें गाने लिखे, जावेद अख़्तर साहब की यह पहली फ़िल्म थी बतौर गीतकार। तो वो बैठे हुए थे तो वो बीच में उनकी ही सारी नज़में हैं जो बच्चन साहब पढ़े हैं। तो जब एक धुन गुनगुना रहे थे हम लोग तो सोचा कि इसके उपर बोल आ जाएँ तो कैसा लगेगा! तो धीरे धीरे जब बोल आया तो लगा कि अस्थायी बन गई, ऐसा करते हैं कि यह जो नज़्म है, जो शेर पढ़ रहे हैं, उसको हम ऐसा इस्तमाल करते हैं जैसे इन्टरल्यूड म्युज़िक होता है, जैसे इन्ट्रोडक्शन म्युज़िक होता है। ऐसे करते करते इसकी शक्ल ऐसी बनी। और वह एक असाधारण गाना बन गया कि पोएट्री और गाना साथ में चल रहा है लेकिन वह एक के साथ एक जुड़ा हुआ है, और वह बात आगे बढ़ रही है। पोएट्री कह रही है, गाने में नायिका की जो सिंगिंग् है वह उसको आगे बढ़ाती है। तो यह इस क़िस्म से, मेरे ख़याल में इस क़िस्म का गाना फिर किसी ने दुबारा कोशिश ही नहीं की और इसमें जो इन्स्ट्रूमेन्टेशन हुआ था, कुछ कोरस आवाज़ें ली, तो वह पूरा जो उसका माहौल बना है, वह आज इस गाने को बने हुए इतने साल हो गए हैं, पर अभी भी वह फ़्रेश लगता है।"

जावेद अख़्तर का कहना है, "मैं गीतकार नहीं था, ज़बरदस्ती बना दिया गया। मैं तो फ़िल्में लिखा करता था। यश जी एक दिन मेरे घर आए, वो मुझसे उनकी फ़िल्म ’सिलसिला’ के लिए एक गीत लिखवाना चाहते थे। मैंने साफ़ इनकार कर दिया, कहा कि मैं पोएट्री सिर्फ़ अपने लिए करता हूँ, फ़िल्म के लिए नहीं लिख सकता। लेकिन वो तो पीछे ही पड़ गए। इसलिए ना चाहते हुए भी मैं एक गीत लिखने के लिए राज़ी हो गया। मैंने उनसे कहा कि मुझे इसके लिए कोई क्रेडिट नहीं चाहिए क्योंकि मैंने सोचा कि वो लोग मुझे एक ट्यून सुना देंगे और मुझसे उस पर गाना लिखने की उम्मीद करेंगे, अगर लिख ना पाया तो क्या होगा? मुझे फिर यश जीने शिव-हरि से एक दिन मिलवा दिया, वो धुन सुनाते गए और शाम तक मैं "देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए" लिख चुका था। फिर मैंने इस फ़िल्म में कुल तीन गीत लिखे, यूं कह सकते हैं कि मुंह में ख़ून लग गया था। बाक़ी के दो गीत थे "नीला आसमाँ सो गया" और "ये कहाँ आ गए हम"। शबाना जी को "यह कहाँ आ गए हैम" बहुत पसन्द है और वो अक्सर इसे गुनगुनाती हैं।"

फ़िल्म ’सिलसिला’ साल 1982 की फ़िल्म थी। इसी वर्ष एक फ़िल्म आई थी ’वक़ील बाबू’। निर्माता थे जवाहर कपूर। फ़िल्म में गीत लिख रहे थे आनन्द बक्शी और संगीतकार थे लक्ष्मीकान्त-प्यारेलाल। फ़िल्म की कहानी के मुताबिक तीन गीत बने और रेकॉर्ड हो चुके थे। पर ये सभी गीत बिल्कुल साधारण क़िस्म के बने। कोई ख़ास बात नहीं थी उनमें। जवाहर कपूर को इन गीतों से बहुत निराशा हुई, पर आनन्द बक्शी और लक्ष्मी-प्यारे से कहने में हिचकिचा रहे थे। पर उसी समय जैसे ही फ़िल्म ’सिलसिला’ के गाने रिलीज़ हुए, उनकी निराशा ग़ुस्सा बन कर उमड़ पड़ी। उनके मुख से निकल गया कि बेकार ही मैंने आनन्द बक्शी और लक्ष्मी-प्यारे जैसे दिग्गजों को फ़िल्म में लिया, इनसे बेहतर तो जावेद अख़्तर और शिव-हरि जैसे नए फ़नकार हैं जिन्होंने ’सिलसिला’ में कमाल का काम किया। इतना ही नहीं जवाहर कपूर ने बक्शी साहब और लक्ष्मी-प्यारे से साफ़ कह दिया कि उन्हें अपनी इस फ़िल्म में "यह कहाँ आ गए हम" जैसा एक गीत चाहिए। तब जाकर "हम कहाँ खो गए, तुम कहाँ खो गए" गीत बना जिसे लता मंगेशकर ने गाया और बीच बीच में शशि कपूर की शायरी डाली गई जिस तरह से ’सिलसिला’ के गीत में अमिताभ बच्चन पढ़ते हैं। गीत बहुत अच्छा बना और जवाहर कपूर का ग़ुस्सा ठण्डा हुआ। ’वकील बाबू’ फ़िल्म बुरी तरह असफल रही पर आज अगर इस फ़िल्म को याद किया जाता है तो सिर्फ़ इस गीत की वजह से। लीजिए, अब आप ये दोनों गीत सुनिए, पहले फिल्म 'वकील बाबू' का और फिर फिल्म 'सिलसिला' का गीत।

फिल्म - वकील बाबू : 'हम कहाँ खो गए...' : लता मंगेशकर और शशि कपूर


फिल्म - सिलसिला : 'ये कहाँ आ गए हम...' : लता मंगेशकर और अमिताभ बच्चन 




अब आप भी 'एक गीत सौ कहानियाँ' स्तंभ के वाहक बन सकते हैं। अगर आपके पास भी किसी गीत से जुड़ी दिलचस्प बातें हैं, उनके बनने की कहानियाँ उपलब्ध हैं, तो आप हमें भेज सकते हैं। यह ज़रूरी नहीं कि आप आलेख के रूप में ही भेजें, आप जिस रूप में चाहे उस रूप में जानकारी हम तक पहुँचा सकते हैं। हम उसे आलेख के रूप में आप ही के नाम के साथ इसी स्तम्भ में प्रकाशित करेंगे। आप हमें ईमेल भेजें cine.paheli@yahoo.com के पते पर।


खोज, आलेख व प्रस्तुति : सुजॉय चटर्जी 
प्रस्तुति सहयोग: कृष्णमोहन मिश्र 

Monday, June 13, 2011

मेरे पास आओ मेरे दोस्तों एक किस्सा सुनो....लीजिए एक बार फिर बच्चे बनकर आनंद लें इस कहानी का

ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 677/2011/117

हानीनुमा फ़िल्मी गीतों पर आधारित 'ओल्ड इज़ गोल्ड' की इस लघु शृंखला की आज की कड़ी में हम जिस गीतकार की रचना सुनवाने जा रहे हैं, उन्हीं के लिखे हुए गीत के मुखड़े को इस शृंखला का नाम दिया गया है। जी हाँ, "एक था गुल और एक थी बुलबुल" के लेखक आनन्द बक्शी, जिन्होंने इस गीत के अलावा भी कई कहानीनुमा गीत लिखे हैं। इनमें से दो गीत तो इस क़दर मशहूर हुए हैं कि उन्हें अगर इस शृंखला में शामिल न करें तो मज़ा ही नहीं आयेगा। तो चलिये आज और कल की कड़ियों में बक्शी साहब के लिखे दो हिट गीतों का आनन्द लें। अब तक इस शृंखला में आपनें जितने भी गीत सुनें, वो ज़्यादातर राजा-रानी की कहानियों पर आधारित थे। लेकिन आज का जो हमारा गीत है, उसमें क़िस्सा है एक शेर का। बच्चों को शेर से बड़ा डर लगता है, और जहाँ डर होता है, वहीं दिलचस्पी भी ज़्यादा होती है। इसलिये शेर और जंगल की कहानियाँ बच्चों को बहुत पसंद आते हैं। अभी हाल ही में बक्शी साहब के बेटे राकेश जी से हमारी मुलाक़ात में उन्होंने बताया था कि बक्शी साहब हर रोज़ एक नई कहानी, एक नई किताब पढ़ते थे, और गीत लेखन के अलावा भी उनका फ़िल्मों के सीन्स का आइडिया अच्छा था। शायद यही वजह है कि इस कहानीनुमा गीत को उन्होंने इतना ख़ूबसूरत अंजाम दिया है। अमिताभ बच्चन, मास्टर रवि और बच्चों की आवाज़ों में यह है फ़िल्म 'मिस्टर नटवरलाल' का गीत "मेरे पास आओ मेरे दोस्तों एक क़िस्सा सुनों"। कमाल की कल्पना की है उन्होंने इस गीत को लेकर। और आख़िर में "ये जीना भी कोई जीना है लल्लु" को तो जैसे फ़िल्मी गीतों के पंचलाइनों का सरताज ही कहलाया जा सकता है। संगीतकार राजेश रोशन के संगीत नें भी बड़ा ही यथार्थ माहौल बनाया, बिल्कुल जिस माहौल की इस गीत को ज़रूरत थी।

अमिताभ बच्चन का गाया यह पहला पहला फ़िल्मी गीत था, और इस गीत को गा कर उन्हें बतौर गायक भी प्रसिद्धी मिली। अभिनय के साथ साथ उनकी गायकी को भी लोगों नें हाथों हाथ ग्रहण किया। यह सच है कि आनन्द बक्शी और राजेश रोशन का इस गीत में बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन अगर किसी नें इस गीत में जान फूंकी है, तो वो हैं हमारे बिग-बी। इस गीत में उनकी अदायगी ही उनकी प्रतिभा का लोहा है, यह गीत साबित करती है कि वोही नंबर वन हैं। दोस्तों, इस गीत के बारे में चाहे आप कितनी भी चर्चा क्यों न कर लें, असली मज़ा तो केवल इस गीत को सुनने में ही आता है। इसलिए अब मैं आपके और इस गीत के बीच में से हट जाता हूँ, लेकिन उससे पहले ये रही जंगल और शेर की कहानी:

कई साल पहले की ये बात है,
भयानक अंधेरी सिया रात में,
लिये अपनी बंदूक मैं हाथ में,
घने जंगलों से गुज़रता हुआ कहीं जा रहा था।

नहीं भूलती उफ़ वो जंगल की रात,
मुझे याद है वो थी मंगल की रात,
चला जा रहा था मैं डरता हुआ,
हनुमान चालीसा पढ़ता हुआ,
बोलो हनुमान की जय,
जय जय बजरंग बली की जय।

घड़ी थी अंधेरा मगर सख़्त था,
कोई बस दस सवा दस का वक़्त था,
लरज़ता था कोयल की भी कूक से,
बुरा हाल हुआ उसपे भूख से,
लगा तोड़ने एक बेरी से बेर,
मेरे सामने आ गया एक शेर।

कोई घिघी बंदी नज़र फिर गई,
तो बंदूक भी हाथ से गिर गई,
मैं लपका वो झपका,
मैं उपर वो नीचे,
वो आगे मैं पीछे,
मैं पेड़ पे वो नीचे,
अरे बचाओ अरे बचाओ,
मैं डाल-डाल वो पात-पात,
मैं पसीना वो बाग-बाग,
मैं सुर में वो ताल में,
मैं जंगल वो पाताल में,
बचाओ बचाओ,
अरे भागो रे भागो,
ख़ुदा की क़सम मज़ा आ गया,
मुझे मार कर "बेसरम" खा गया।

खा गया? लेकिन आप तो ज़िंदा हो?

अरे ये जीना भी कोई जीना है लल्लू? हाँ?




क्या आप जानते हैं...
कि फ़िल्मकार मोहन कुमार नें एक दिन आनन्द बक्शी को गाते हुए सुन लिया और इतने प्रभावित हुए कि उनसे ज़बरदस्ती अपनी फ़िल्म 'मोम की गुड़िया' में दो गीत गाने के लिये राज़ी करवा लिये।

दोस्तों अब पहेली है आपके संगीत ज्ञान की कड़ी परीक्षा, आपने करना ये है कि नीचे दी गयी धुन को सुनना है और अंदाज़ा लगाना है उस अगले गीत का. गीत पहचान लेंगें तो आपके लिए नीचे दिए सवाल भी कुछ मुश्किल नहीं रहेंगें. नियम वही हैं कि एक आई डी से आप केवल एक प्रश्न का ही जवाब दे पायेंगें. हर १० अंकों की शृंखला का एक विजेता होगा, और जो १००० वें एपिसोड तक सबसे अधिक श्रृंखलाओं में विजय हासिल करेगा वो ही अंतिम महा विजेता माना जायेगा. और हाँ इस बार इस महाविजेता का पुरस्कार नकद राशि में होगा ....कितने ?....इसे रहस्य रहने दीजिए अभी के लिए :)

पहेली 8/शृंखला 18
गीत का ये हिस्सा सुनें-


अतिरिक्त सूत्र - बेहद आसान .
सवाल १ - नायक के पिछले जनम वाले किरदार की भूमिका किस ने की थी - ३ अंक
सवाल २ - किस अभिनेत्री ने फिल्म में खलनायिका का काम किया है - २ अंक
सवाल ३ - फिल्म का नाम बताएं - १ अंक

पिछली पहेली का परिणाम -
अमित जी अनजाना जी कि अनुपस्तिथि में अब आगे आ गए हैं. अविनाश जी को भी २ अंकों की बधाई

खोज व आलेख- सुजॉय चटर्जी



इन्टरनेट पर अब तक की सबसे लंबी और सबसे सफल ये शृंखला पार कर चुकी है ५०० एपिसोडों लंबा सफर. इस सफर के कुछ यादगार पड़ावों को जानिये इस फ्लेशबैक एपिसोड में. हम ओल्ड इस गोल्ड के इस अनुभव को प्रिंट और ऑडियो फॉर्मेट में बदलकर अधिक से अधिक श्रोताओं तक पहुंचाना चाहते हैं. इस अभियान में आप रचनात्मक और आर्थिक सहयोग देकर हमारी मदद कर सकते हैं. पुराने, सुमधुर, गोल्ड गीतों के वो साथी जो इस मुहीम में हमारा साथ देना चाहें हमें oig@hindyugm.com पर संपर्क कर सकते हैं या कॉल करें 09871123997 (सजीव सारथी) या 09878034427 (सुजॉय चटर्जी) को

Sunday, April 17, 2011

मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है....अरे नहीं साहब ये तो गाने के बोल हैं, हमारे अंगने में तो आपका ही काम है...आईये

ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 636/2010/336

'ओल्ड इज़ गोल्ड' के दोस्तों, नमस्कार! आज हम एक नए सप्ताह में क़दम रख रहे हैं और इन दिनों जारी है लघु शृंखला 'सितारों की सरगम', जिसके अंतर्गत हम कुछ ऐसे गीत सुनवा रहे हैं जिन्हें आवाज़ दी है फ़िल्म अभिनेता और अभिनेत्रियों नें। शृंखला के पहले हिस्से में जिन पाँच सितारों की सरगमी आवाज़ से आपका परिचय हुआ वो थे राज कपूर, दिलीप कुमार, मीना कुमारी, नूतन और अशोक कुमार। आइए आज से शुरु हो रही इस शृंखला के दूसरे हिस्से में बात करें अगली पीढ़ी के सितारों की। ऐसे में शुरुआत 'मेगास्टार ऒफ़ दि मिलेनियम' के अलावा और किनसे हो सकती है भला! जी हाँ, बिग बी अमिताभ बच्चन। साहब उनकी आवाज़ के बारे में क्या कहें, यह तो बस सुनने की चीज़ है। और मज़े की बात यह है कि फ़िल्मों में आने से पहले जब उन्होंने समाचार वाचक की नौकरी के लिए वॊयस टेस्ट दिया था, तो उसमें वो फ़ेल हो गये थे और उन्हें बताया गया था कि उनकी आवाज़ वाचन के लिए सही नहीं है। और क़िस्मत ने क्या खेल खेला कि उनकी वही आवाज़ आज उनकी पहचान है। बच्चन साहब नें जो सफलता और शोहरत कमाई है अपने लम्बे करीयर में और जो सिलसिला आज भी जारी है, इस ऊँचाई तक बहुत कम लोग पहुँच पाते हैं। हमारे बौने हाथ उनकी उपलब्धि को छू भी नहीं सकते। बहुत साल पहले विविध भारती के एक मुलाक़ात में बच्चन साहब से पूछा गया था कि "अमित जी, आप जिस मुकाम पर आ गये हैं वहाँ संघर्ष आपको छू भी नहीं सकता, पर जब पहली बार आपको सफलता मिली थी, उस वक़्त आपको कैसा महसूस हुआ था?"; इसके जवाब में अमित जी का कहना था, "पहली बात तो यह है कि संघर्ष कभी ख़त्म नहीं होती, आज भी मुझे उतना ही संघर्ष करना पड़ता है जितना उस ज़माने में करना पड़ता था। मेरे बाबूजी कहते हैं कि जब तक जीवन है संघर्ष है। और जहाँ तक सफलता का सवाल है, ख़ुशी तो हुई थी, पर उसके लिए कोई ख़ास तरीक़े से मनाया नहीं गया था।"

दोस्तों, अमिताभ बच्चन साहब के अभिनय का लोहा तो हर किसी ने माना ही है, उनकी गायन क्षमता की भी जितनी दाद दी जाये कम है। उन्होंने कई फ़िल्मों में गीत गाया है और कई बार संवाद भी ऐसे निराले तरीक़े से कहे हैं गीतों में कि उस वजह से गीत एक अलग ही मुकाम तक पहुँच गया है। ऐसा ही एक गीत है फ़िल्म 'सिलसिला' का "ये कहाँ आ गये हम युंही साथ साथ चलते"। फ़िल्म 'ख़ुदा गवाह' में भी उनका बोला हुआ संवाद "सर ज़मीन-ए-हिंदुस्तान' को सॊंग् साउण्डट्रैक में शामिल किया गया था। 'नसीब' के "चल चल मेरे भाई" और 'अमर अक्बर ऐंथनी' में "माइ नेम इज़ ऐंथनी गोल्ज़ल्वेज़" में भी उनके हुए संवाद यादगार हैं। अमिताभ बच्चन के गायन से समृद्ध फ़िल्मों में जो नाम सब से पहले ज़हन में आते हैं, वो हैं - 'सिलसिला', 'मिस्टर नटवरलाल', 'लावारिस', 'पुकार', 'जादूगर', 'महान', 'तूफ़ान', 'बागबान'। 'सिलसिला' में दो गीत उन्होंने गाये थे, "नीला आसमाँ सो गया" और "रंग बरसे भीगे चुनरवाली"। यह होली गीत तो शायद सब से लोकप्रिय होली गीत होगा फ़िल्म जगत का! 'मिस्टर नटवरलाल' में "मेरे पास आओ मेरे दोस्तों", 'पुकार' में "तू मयके मत जैयो, मत जैयो मेरी जान", 'जादूगर' में "पड़ोसी अपनी मुरगी को रखना सम्भाल मेरा मुर्गा हुआ है दीवाना", 'महान' में "समुंदर में नहाके और भी नमकीन हो गई है", 'तूफ़ान' में "बाहर है प्रॊब्लेम अंदर है प्रॊब्लेम", और 'बागबान' में "होली खेले रघुवीरा", "चली चली देखो चली चली" और "मैं यहाँ तू वहाँ, ज़िंदगी है कहाँ" जैसे गीत ख़ूब लोकप्रिय हुए। लेकिन जो एक गीत जिसके उल्लेख के बग़ैर बच्चन साहब के गीतों की चर्चा अधूरी है, वह है फ़िल्म 'लावारिस' का "मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है"। अमिताभ बच्चन और अल्का याज्ञ्निक द्वारा अलग अलग गाये यह डबल वर्ज़न गीत लोक शैली में रचा हुआ एक हास्य गीत है जिसमें पत्नी की अलग अलग शारीरिक रूप को हास्य व्यंग के द्वारा दर्शाया गया है। अमिताभ बच्चन वाले वर्ज़न में अमित जी ख़ुद ही महिला का भेस धारण कर इन अलग अलग शारीरिक रूपों को दर्शाते हैं जिससे इस गीत को सुनने के साथ साथ देखना भी अत्यावश्यक हो जाता है। 'लावारिस' के संगीतकार थे कल्याणजी-आनंदजी, जिन्होंने कई अभिनेताओं से गीत गवाये हैं। जब उनसे इसके बरे में पूछा गया था 'विविध भारती' के 'उजाले उनकी यादों के' कार्यक्रम में, तब उन्होंने कहा था, "इत्तेफ़ाक़ देखिये, शुरु शुरु में पहले ऐक्टर्स ही गाया करते थे। एक ज़माना वो था जो गा सकता था वो ही हीरो बन सकता था। तो वो एक ट्रेण्ड सी चलाने की कोशिश की जब जब होता था, जैसे राइटर जितना अच्छा गा सकता है, अपने वर्ड्स को इम्पॊर्टैन्स दे सकता है, म्युज़िक डिरेक्टर नहीं दे सकता, जितना म्युज़िक डिरेक्टर दे सकता है कई बार सिंगर नहीं दे सकता, एक्स्प्रेशन-वाइज़, सब कुछ गायेंगे, अच्छा करेंगे, लेकिन ऐसा होता है कि वो सैटिस्फ़ैक्शन कभी कभी नहीं मिलता है कि जो हम चाहते थे वो नहीं हुआ। तो ये हमने कोशिश की, जैसे कि बहुत से सिंगरों ने गाया भी, कुछ कुछ लाइनें भी गाये, बहुत से कॊमेडी कलाकारों नें भी गाये, लेकिन बेसिकली जो पूरे गाने गाये, वो अमिताभ बच्चन जी थे, मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है"। तो आइए सुना जाये इस अनोखे सदाबहार गीत को जिसे लिखा है अंजान साहब नें।



क्या आप जानते हैं...
कि अमिताभ बच्चन को चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार और १४ बार फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वो भारतीय संसद के निर्वाचित सदस्य भी रहे १९८४ से १९८७ के बीच।

दोस्तों अब पहेली है आपके संगीत ज्ञान की कड़ी परीक्षा, आपने करना ये है कि नीचे दी गयी धुन को सुनना है और अंदाज़ा लगाना है उस अगले गीत का. गीत पहचान लेंगें तो आपके लिए नीचे दिए सवाल भी कुछ मुश्किल नहीं रहेंगें. नियम वही हैं कि एक आई डी से आप केवल एक प्रश्न का ही जवाब दे पायेंगें. हर १० अंकों की शृंखला का एक विजेता होगा, और जो १००० वें एपिसोड तक सबसे अधिक श्रृंखलाओं में विजय हासिल करेगा वो ही अंतिम महा विजेता माना जायेगा. और हाँ इस बार इस महाविजेता का पुरस्कार नकद राशि में होगा ....कितने ?....इसे रहस्य रहने दीजिए अभी के लिए :)

पहेली 7/शृंखला 14
गीत का ये हिस्सा सुनें-


अतिरिक्त सूत्र - इस युगल गीत में किशोर दा की भी आवाज़ है.

सवाल १ - किस बड़ी अभिनेत्री ने अपने लिए पार्श्वगायन किया है यहाँ - १ अंक
सवाल २ - परदे पर इस अभिनेत्री के साथ कौन दिखते है अभिनय करते - २ अंक
सवाल ३ - गीतकार कौन हैं - ३ अंक

पिछली पहेली का परिणाम -
दरअसल अमित जी का पहला उत्तर गलत था, गुड्डी में धर्मेन्द्र की भूमिका अतिथि की थी, समित ने अमिताभ वाला रोल उनसे छिना था, खैर किसी और ने इसका सही जवाब नहीं दिया और खुद अमित जी ने ही अंततः समित का नाम लिया तो ३ अंक के हकदार वो ही हुए, हिन्दुस्तानी जी और शरद जी भी सही निकले. अनजाना जी कहाँ गायब रहे.

खोज व आलेख- सुजॉय चटर्जी



इन्टरनेट पर अब तक की सबसे लंबी और सबसे सफल ये शृंखला पार कर चुकी है ५०० एपिसोडों लंबा सफर. इस सफर के कुछ यादगार पड़ावों को जानिये इस फ्लेशबैक एपिसोड में. हम ओल्ड इस गोल्ड के इस अनुभव को प्रिंट और ऑडियो फॉर्मेट में बदलकर अधिक से अधिक श्रोताओं तक पहुंचाना चाहते हैं. इस अभियान में आप रचनात्मक और आर्थिक सहयोग देकर हमारी मदद कर सकते हैं. पुराने, सुमधुर, गोल्ड गीतों के वो साथी जो इस मुहीम में हमारा साथ देना चाहें हमें oig@hindyugm.com पर संपर्क कर सकते हैं या कॉल करें 09871123997 (सजीव सारथी) या 09878034427 (सुजॉय चटर्जी) को

Sunday, January 17, 2010

ये कहाँ आ गए हम...यूँ हीं जावेद साहब के लिखे गीतों को सुनते सुनते

ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 317/2010/17

स्वरांजली' की आज की कड़ी में हम जन्मदिन की मुबारक़बाद दे रहे हैं गीतकार, शायर और पटकथा व संवाद लेखक जावेद अख्तर साहब को। लेकिन अजीब बात यह कि जिन दिनों में जावेद साहब पटकथा और संवाद लिखा करते थे, उन दिनों मे वो गानें नहीं लिखते थे, और जब उन्होने बतौर गीतकर अपना सिक्का जमाया, तो पटकथा लिखना लगभग बंद सा कर दिया। जब यही सवाल उनसे पूछा गया तो उनका जवाब था - "यह सही है कि जब मैं फ़िल्में लिखता था, उस वक़्त मैं गानें नहीं लिखता था। लेकिन हाल ही में मैंने अपने बेटे फ़रहान के लिए फ़िल्म 'लक्ष्य' का स्क्रिप्ट लिखा है, एक और भी लिखा है, सोच रहा हूँ कि किसे दूँ (हँसते हुए)! कुछ फ़िल्में हैं जिनमें मैंने स्क्रिप्ट और गानें, दोनों लिखे हैं, जैसे कि 'सागर', जैसे कि 'मिस्टर इंडिया', जैसे कि 'अर्जुन'। मुझे स्क्रिप्ट लिखते हुए थकान सी महसूस हो रही थी, कुछ ख़ास अच्छा नहीं लग रहा था। और अब गानें लिखने में ज़्यादा मज़ा आ रहा है, और दिल से लिख रहा हूँ। इसलिए सोचा कि जब तक फ़िल्मे लिखने का जज़्बा फिर से ना जागे, तब तक गीत ही लिखूँगा।" दोस्तों, एक रचनाकार के रूप में जावेद साहब का पुनर्जनम हुआ सलीम जावेद की जोड़ी बिखर जाने के बाद, जब निर्देशक रमण कुमार ने उनसे अपनी फ़िल्म 'साथ साथ' के गानें लिखवाए। लेकिन इस फ़िल्म से पहले यश चोपड़ा के अनुरोध पर जावेद साहब ने फ़िल्म 'सिलसिला' में तीन गीत लिखे जो बेहद कामयाब हुए और ये गाने आज एवरग्रीन हिट्स में शोभा पाते हैं। इनमें से एक गीत है "देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए", दूसरा गीत था "नीला आसमान सो गया" और तीसरा गाना था "ये कहाँ आ गए हम युं ही साथ साथ चलते"। आइए आज जावेद साहब को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए यही तीसरा गीत सुनें, जिसे गाया है सुरों की मल्लिका लता मंगेशकर और अभिनय के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने।

विविध भारती को दिए गए एक साक्षात्कार में जावेद अख़तर साहब ने बताया था कि वो गीतकारिता में कैसे आए। "मैं गीतकार नहीं था, ज़बरदस्ती बना दिया गया। मैं तो फ़िल्में लिखा करता था। यश जी एक दिन मेरे घर अए, वो मुझसे उनकी फ़िल्म 'सिलसिला' के लिए एक गीत लिखवाना चाहते थे। मैंने साफ़ इंकार कर दिया, कहा कि मैं पोएट्री सिर्फ़ अपने लिए लिखा करता हूँ, फ़िल्म के लिए नहीं लिख सकता। लेकिन वो तो पीछे ही पड़ गए। इसलिए न चाहते हुए भी मैं एक गीत लिखने के लिए राज़ी हो गया। मैंने उनसे कहा कि मुझे इसके लिए कोई क्रेडिट नहीं चाहिए क्योंकि मैंने सोचा कि वो लोग मुझे एक ट्युन सुना देंगे और मुझसे उस पर गाना लिखने की उम्मीद करेंगे, अगर लिख ना पाया तो क्या होगा? मुझे फिर यश जी ने शिव-हरि से एक दिन मिलवा दिया। वो धुन सुनाते गए और शाम तक मैं "देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए" लिख चुका था। मैंने ५०० से ज़्यादा गानें लिखे हैं पर यह गीत मेरे लिए आज भी बहुत स्पेशल है। मैंने 'सिलसिला' में कुल ३ गीत लिखे, युं कह सकते हैं कि मुंह में ख़ून लग गया था। शबाना जी को "ये कहाँ आ गए हम" बहुत पसंद है, वो अकसर इसे गुनगुनाती हैं।" दोस्तों, यह गीत ही इतना ज़बरदस्त है कि इसकी बातें इतनी आसानी से ख़त्म नहीं हो सकती। अब हम आपको इस गीत के बनने की कहानी बताते हैं इस गीत के संगीतकार जोड़ी शिव-हरि के पंडित शिव कुमार शर्मा के शब्दों में जो उन्होने कहे थे विविध भारती के 'संगीत सरिता' कार्यक्रम के तहत 'मेरी संगीत यात्रा' शृंखला के दौरान। "आप ने एक चीज़ नोटिस की होगी कि यह एक 'अन्युज़ुयल' गाना है। मैं आपको इसका बैकग्राउंड बताउँगा कि यह गाना कैसे बना। शुरु में यश जी ने कहा कि मैं कुछ ऐसा करना चाहता हूँ कि हीरो अपने ख़यालों में बैठा हुआ है और कुछ पोएट्री लिख रहा है, या पोएट्री रीसाइट कर रहा है, कुछ शेर, और बीच में कुछ आलाप ले आएँगे, लता जी का ऐसा कुछ। तो इस तरह का सोच कर के शुरु किया कि थोड़ा म्युज़िक रहेगा, थोड़ी शेर-ओ-शायरी होगी, और फिर कुछ बीच में आलाप आएगा। यह बिल्कुल नहीं सोचा था कि इस तरह का गाना बनेगा। बनते बनते, जैसा होता था कि उस ज़माने में अमिताभ बच्चन, अभी भी उतने ही बिज़ी हैं, उस ज़माने की क्या बात कहें, कि वो १२-१ बजे जब उनकी शूटिंग् की शिफ़्ट ख़त्म होती थी, तो वो आते थे। और फिर आकर के हमारे साथ बैठते थे क्योंकि उन्होने गानें भी गाए हैं, होली का जो गाना है, और "नीला आसमान"। तो यह गाना जब बनने लगा तो उसकी शुरुआत ऐसे ही हुई, बनते बनते कुछ उसमें धुन का ज़िक्र जब आया, तो जावेद अख़तर साहब बैठे हुए थे, तो बीच में उनकी ही सारी नज़्में हैं जो बच्चन साहब ने पढ़े हैं। तो जब एक धुन गुनगुना रहे थे हम लोगोँ ने सोचा कि इसके उपर बोल आ जाएं तो कैसा लगेगा। तो धीरे धीरे जब बोल आया तो लगा कि अस्थाई बन गई। ऐसा करते करते कि ये जो नज़्म है, जो शेर पढ़ रहे हैं, उसको हम ऐसा इस्तेमाल करते हैं कि जैसे इंटर्ल्युड म्युज़िक होता है, जैसे 'इंट्रोडक्शन म्युज़िक' होता है। ऐसे करते करते इसकी शक्ल ऐसी बनीं। और वो एक ऐसा 'अन्युज़ुयल' गाना बन गया कि पोएट्री और गाना साथ में चल रहा है, लेकिन वो एक के साथ एक जुड़ा हुआ है, और वो बात आगे बढ़ रही है। तो इस क़िस्म के, मेरे ख्याल में इस किस्म का गाना फिर किसी ने दुबारा कोशिश ही नहीं की और इसमें हमनें कोरस का भी अच्छा इस्तेमाल किया था। तो वो पूरा जो उसका माहौल बना है, वह आज इस गाने को बने हुए इतने साल हो गए हैं, लेकिन अभी भी वह फ़्रेश लगता है।" बिल्कुल सही दोस्तों, आइए अब हम भी इस फ़्रेश गीत का आनंद उठाते हैं, सुर कोकिला और अभिनय के शहंशाह की आवाज़ों के साथ, और साथ ही जावेद साहब को एक बार फिर से जनमदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!



चलिए अब बूझिये ये पहेली, और हमें बताईये कि कौन सा है ओल्ड इस गोल्ड का अगला गीत. हम रोज आपको देंगें ४ पंक्तियाँ और हर पंक्ति में कोई एक शब्द होगा जो होगा आपका सूत्र. यानी कुल चार शब्द आपको मिलेंगें जो अगले गीत के किसी एक अंतरे में इस्तेमाल हुए होंगें, जो शब्द बोल्ड दिख रहे हैं वो आपके सूत्र हैं बाकी शब्द बची हुई पंक्तियों में से चुनकर आपने पहेली सुलझानी है, और बूझना है वो अगला गीत. तो लीजिए ये रही आज की पंक्तियाँ-

क्या होता है सपनों का टूट जाना,
वही समझे जिसने हो ये दर्द पाला,
उड़कर तो आना चाहूँ तेरे पास पर,
पैरों बेडी गले पड़ी रिवाजों की माला...

अतिरिक्त सूत्र - फिल्म जगत के सबसे पहले सिंगिंग सुपर स्टार को समर्पित है ये स्वरांजली

पिछली पहेली का परिणाम-
इंदु जी आपने खुद ही कहा कि जो गीत आपने चुना वो गोल्ड तो है पर ओल्ड नहीं, शरद जी यहाँ सही निकले, बधाई जनाब २ अंक हुए आपके और...

खोज व आलेख- सुजॉय चटर्जी
पहेली रचना -सजीव सारथी


ओल्ड इस गोल्ड यानी जो पुराना है वो सोना है, ये कहावत किसी अन्य सन्दर्भ में सही हो या न हो, हिन्दी फ़िल्म संगीत के विषय में एकदम सटीक है. ये शृंखला एक कोशिश है उन अनमोल मोतियों को एक माला में पिरोने की. रोज शाम 6-7 के बीच आवाज़ पर हम आपको सुनवाते हैं, गुज़रे दिनों का एक चुनिंदा गीत और थोडी बहुत चर्चा भी करेंगे उस ख़ास गीत से जुड़ी हुई कुछ बातों की. यहाँ आपके होस्ट होंगे आवाज़ के बहुत पुराने साथी और संगीत सफर के हमसफ़र सुजॉय चटर्जी. तो रोज शाम अवश्य पधारें आवाज़ की इस महफिल में और सुनें कुछ बेमिसाल सदाबहार नग्में.

Monday, November 23, 2009

विंटेज इल्लायाराजा का संगीत है "पा" में और अमिताभ गा रहे हैं १३ साल के बालक की आवाज़ में...

ताजा सुर ताल TST (36)

दोस्तो, ताजा सुर ताल यानी TST पर आपके लिए है एक ख़ास मौका और एक नयी चुनौती भी. TST के हर एपिसोड में आपके लिए होंगें तीन नए गीत. और हर गीत के बाद हम आपको देंगें एक ट्रिविया यानी हर एपिसोड में होंगें ३ ट्रिविया, हर ट्रिविया के सही जवाब देने वाले हर पहले श्रोता की मिलेंगें २ अंक. ये प्रतियोगिता दिसम्बर माह के दूसरे सप्ताह तक चलेगी, यानी 5 अक्टूबर से १४ दिसम्बर तक, यानी TST के ४० वें एपिसोड तक. जिसके समापन पर जिस श्रोता के होंगें सबसे अधिक अंक, वो चुनेगा आवाज़ की वार्षिक गीतमाला के 60 गीतों में से पहली 10 पायदानों पर बजने वाले गीत. इसके अलावा आवाज़ पर उस विजेता का एक ख़ास इंटरव्यू भी होगा जिसमें उनके संगीत और उनकी पसंद आदि पर विस्तार से चर्चा होगी. तो दोस्तों कमर कस लीजिये खेलने के लिए ये नया खेल- "कौन बनेगा TST ट्रिविया का सिकंदर"

TST ट्रिविया प्रतियोगिता में अब तक-

पिछले एपिसोड में, सीमा जी आश्चर्य, आप जवाब लेकर उपस्थित नहीं हुई, ३ में से मात्र एक जवाब सही आया और वो भी विश्व दीपक तन्हा जी का, तन्हा जी का स्कोर हुआ १६...दूसरे सवाल में जिन फिल्मों के नाम दिए गए थे उन सबमें सोनू निगम-श्रेया घोषाल के युगल गीत थे, और तीसरे सवाल का जवाब है विविध भारती इंदोर स्टेशन....तो चलिए अब बढ़ते हैं आज के एपिसोड की तरफ


सुजॉय - सजीव, आज का 'ताज़ा सुर ताल' बहुत ही ख़ास है, है न?

सजीव - बिल्कुल सुजॉय, आज हम उस फ़िल्म के चर्चा करेंगे और उस फ़िल्म के गानें सुनेंगे जो आजकल सब से ज़्यादा चर्चा में है और जिसका लोग बेसबरी से इंतेज़ार कर रहे हैं, और जिसमें अमिताभ बच्चन ने एक अद्‍भुत भूमिका निभाई है।

सुजॉय - हमारे पाठक भी समझ चुके होंगे कि हम फ़िल्म 'पा' की बात कर रहे हैं। आजकल टीवी पर प्रोमोज़ आ रहे हैं इस फ़िल्म के जिसमें बिग बी को हम एक बड़े ही हैरतंगेज़ लुक्स में दिख रहे हैं। सजीव, क्या आपको पता है कि इस तरह के लुक्स के पीछे आख़िर माजरा क्या है?

सजीव - मैने सुना है कि यह एक तरह की बीमारी है जिसकी वजह से समय से पहले ही आदमी बूढ़ा हो जाता है। यानी कि यह एक जेनेटिक डिसोर्डर है जिसकी वजह से accelerated ageing हो जाती है।

सुजॉय - अच्छा, तभी अमिताभ बच्चन एक छोटे बच्चे की भूमिका में है जो शक्ल से बूढ़ा दिखता है!

सजीव - बिल्कुल! वो एक १३ साल का बच्चा है जो मानसिक तौर से भी १३ साल का ही है, लेकिन शारीरिक रूप से ५ गुणा ज़्यादा आयु का दिखता है। बावजूद इसके वो एक ख़ुशमिज़ाज बच्चा है। इस फ़िल्म में अभिषेक बच्चन बनें हैं उनके पिता और विद्या बालन बनीं हैं बिग बी की मम्मी। बहुत ही इंटरेस्टिंग् है, क्यों?

सुजॉय - सही है! और इस फ़िल्म को लिखा व निर्देशित किया है आर. बालकी ने। अच्छा सजीव, बातें हम जारी रखेंगे, लेकिन उससे पहले यहाँ पर इस फ़िल्म का एक गीत सुन लेते हैं पहले।

गीत - गुमसुम गुम गुमसुम हो क्यों gumsum gumsum ho kyon (paa)



सजीव - गीत तो हमने सुन लिया, अब इस फ़िल्म के संगीत पक्ष की थोड़ी सी चर्चा की जाए। इस फ़िल्म में संगीत है इलय्याराजा का, जिनकी हाल में 'चल चलें' फ़िल्म आई थी। यह फ़िल्म तो नहीं चली, अब देखना यह है कि 'पा' के गानें लोग किस तरह से ग्रहण करते हैं। वैसे यह जो गीत अभी हमने सुना वह दरअसल एक मलयालम गीत है एस.जानकी की आवाज़ में जिसके बोल हैं -"तुम्बी वा...", ये गीत हालाँकि बेहद पुराना है पर आज भी बड़े शौक से सुना जाता है और इसे वहां एक क्लासिक सोंग का दर्जा हासिल है, चूँकि मैं मलयालम समझता हूँ तो बता दूं "तुम्बी" एक उड़ने वाला कीट होता है जिसे उत्तर भारत में बच्चे "हैलीकॉप्टर" कहते हैं, उसके पंख कुछ ऐसे चलते हैं हैं हैलीकॉप्टर का पंखा....वहाँ इस गीत को नायिका बच्चों को मनाने के लिए गा रही है और यहाँ शायद बच्चे बड़ों को मना रहे हैं...:)

सुजॉय - और इस हिंदी संस्करण में भी वही दक्षिणी फ़्लेवर मौजूद है। कर्नाटक शैली और पाश्चात्य जैज़ के फ़्युज़न का प्रयोग इलय्याराजा ने किया है। इसमें पियानो पर बजाया हुआ एक सुंदर जैज़ सोलो सुना जा सकता है, जो बड़ी ही सरलता से वापस शास्त्रीय रंग में रंग जाता है। कुल मिलाकर कुछ नया सुना जा सकता है। अच्छा, इस गीत में आवाज़ें किनकी है, मैं तो पहचान नहीं पाया।

सजीव - इसे दो युवा गायकों ने गाए हैं, ये हैं भवतारिणी और श्रवण। चलो अब एक समूहगीत सुनते हैं इस फ़िल्म से। जैसे कि मैनें कहा समूहगीत, तो दरसल यह एक बच्चों का ग्रूप सॊंग् है। वायलिन ही मुख्य साज़ है और एक प्रार्थना की तरह सुनाई देता है।

गीत - हल्के से बोले कल के नज़ारे...halke se bole..(paa)



सुजॉय - सचमुच it was short and sweet! अच्छा सजीव, इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन ने भी एक गीत गाया है। क्यों ना उस गीत को अब यहाँ सुन लिया जाए!

सजीव - ज़रूर, यही तो इस फ़िल्म का सब से अनोखा गीत है। इस गीत में बच्चन साहब एक ऐसे छोटे बच्चे की तरह आवाज़ निकालते हैं जो इस तरह की बीमारी से पीड़ित है। बच्चन साहब के क्या कहने, वो जो भी करते हैं पूरे पर्फ़ेक्शन के साथ करते हैं, जिसके उपर कुछ भी समालोचना फीकी ही लगती है।

सुजॉय - वाक़ई, इस गीत में उन्होने कुछ ऐसे एक्स्प्रेशन्स और जज़्बात भरे हैं कि सुनने वाला हैरान रह जाता है। यह फ़िल्म का शीर्षक गीत है और इस गीत की चर्चा में इसके संगीत या संगीत संयोजन के बारे में चर्चा निरर्थक है। यह गीत पूरी तरह से बिग बी का गीत है। दिल को छू लेने वाला यह गीत एक नेरेशन की तरह आगे बढ़ता जाता है।

सजीव - और गीतकार स्वानंद किरकिरे के बोल भी उतने ही असरदार! चलो सुनते हैं, हमारे श्रोता भी इसे सुनने के लिए अब बेताब हो रहे होंगे!

गीत - मेरे पा...mere paa (paa)



सुजॉय - वाह! सचमुच क्या गाया है बच्चन साहब ने!

सजीव - और अब आगे बढ़ते हुए हम आते हैं इस फ़िल्म के सब से महत्वपूर्ण गीत की तरफ़। यह है शिल्पा राव की आवाज़ में 'उड़ी उड़ी हाँ उड़ी मैं फिर उड़ी इत्तीफ़ाक़ से"।

सुजॉय - यही गीत शान की आवाज़ में भी है जिसमें है "गली मुड़ी"। शिल्पा राव वाला गीत ग्लैमरस है और रीदम भी तेज़ है, जब कि शान वाला वर्ज़न कोमल है और रीदम भी स्लो है। शान ने इस तरह का गीत शायद पहले नहीं गाया होगा। कुल मिलाकर अच्छी धुन है।

सजीव - तो फिर चलो, आज सुनिता राव वाला वर्ज़न सुनते हैं।

गीत - उड़ी उड़ी हाँ उड़ी मैं इत्तीफ़ाक़ से... udi udi main udi (paa)



सजीव - वैसे मुझे ये फिल्म के बाकी गीतों से मूड और मिजाज़ में बहुत अलग सा लगा....कुछ बहुत मज़ा मज़ा नहीं आया... खैर अब आज का आख़िरी गीत। इस फ़िल्म में सुनिधि चौहान ने एक गीत गाया है "हिचकी हिचकी"। इलय्याराजा की धुनें हमेशा ही कुछ अलग हट के होता आया है। और इस गीत को पूरा का पूरा उन्होने रूपक ताल पर बनाया है।

सुजॉय - सिर्फ़ संगीत ही नहीं, इसके बोलों में भी काफ़ी कारीगरी की है स्वानंद किरकिरे ने। और सुनिधि की आवाज़ का बहुत ही अलग इस्तेमाल इलय्याराजा साहब ने किया है। सुनिधि ने अपनी आवाज़ को बहुत दबाकर गाया है। आमतौर पर हम उनकी जिस तरह की बुलंद आवाज़ से वाक़िफ़ हैं, उससे बिल्कुल ही अलग आवाज़ इस गीत में सुनाई देता है। कुल मिलाकर एक अच्छा गीत है। लेकिन सजीव, एक बात भी है, क्योंकि इस फ़िल्म की कहानी बिल्कुल ही अलग है, यानी कि ग़ैर-पारंपरिक है, इसलिए इस तरह के फ़िल्मों में जो गानें होते हैं वो बहुत ज़्यादा हिट नहीं होते हैं, लेकिन फ़िल्म बहुत कामयाब रहती है। फ़िल्म की कहानी इतनी ज़्यादा मज़बूत होती है कि लोगों का ध्यान फ़िल्म के गीतों से ज़्यादा फ़िल्म पर ही टिकी रहती है।

सजीव - चलो यह तो वक़्त ही बताएगा कि यह फ़िल्म ज़्यादा चली या कि इसके गानें। अब हम सुन लेते हैं इस फ़िल्म का पाँचवाँ और इस पेशकश का अंतिम गाना।

गीत - हिचकी हिचकी...hichki hichki (paa)



और अब समय है ट्रिविया का ....

TST ट्रिविया # 31- 'पा' के अतिरिक्त आर. बालकी ने अमिताभ बच्चन को और किस फ़िल्म में डिरेक्ट किया था?

TST ट्रिविया # 32- फ़िल्म 'पा' के निर्देशक आर. बालकी का पूरा नाम क्या है?

TST ट्रिविया # 33- इलय्याराजा उनका असली नाम नहीं है। उनके नाम के साथ 'राजा' शब्द उनके एक संगीत शिक्षक ने जोड़ा था तथा बाद में 'इलय्याराजा' नाम तमिल के एक फ़िल्म निर्देशक ने रखा था। बताइए उस संगीत शिक्षक और उस तमिल फ़िल्म निर्देशक के नाम।


"पा" अल्बम को आवाज़ रेटिंग ***
अल्बम का मुख्य आकर्षण अमिताभ की आवाज़ में "मेरे पा" गीत ही है, "गुमसुम गुमसुम" एक सुरीली मेलोडी है....पर बोल उतने प्रभावी नहीं है....कुल मिला कर अल्बम औसत ही है....और फिल्म की सफलता पर ही संगीत की सफलता निर्भर है.

आवाज़ की टीम ने इस अल्बम को दी है अपनी रेटिंग. अब आप बताएं आपको ये गीत कैसे लगे? यदि आप समीक्षक होते तो प्रस्तुत अल्बम को 5 में से कितने अंक देते. कृपया ज़रूर बताएं आपकी वोटिंग हमारे सालाना संगीत चार्ट के निर्माण में बेहद मददगार साबित होगी.

शुभकामनाएँ....



अक्सर हम लोगों को कहते हुए सुनते हैं कि आजकल के गीतों में वो बात नहीं. "ताजा सुर ताल" शृंखला का उद्देश्य इसी भ्रम को तोड़ना है. आज भी बहुत बढ़िया और सार्थक संगीत बन रहा है, और ढेरों युवा संगीत योद्धा तमाम दबाबों में रहकर भी अच्छा संगीत रच रहे हैं, बस ज़रुरत है उन्हें ज़रा खंगालने की. हमारा दावा है कि हमारी इस शृंखला में प्रस्तुत गीतों को सुनकर पुराने संगीत के दीवाने श्रोता भी हमसे सहमत अवश्य होंगें, क्योंकि पुराना अगर "गोल्ड" है तो नए भी किसी कोहिनूर से कम नहीं. क्या आप को भी आजकल कोई ऐसा गीत भा रहा है, जो आपको लगता है इस आयोजन का हिस्सा बनना चाहिए तो हमें लिखे.

Sunday, November 15, 2009

रविवार सुबह की कॉफी और अमिताभ की पसंद के गीत (२१)

अभी हाल ही ही में अमिताभ बच्चन की नयी फिल्म "पा" का ट्रेलर जारी हुआ, और जिसने भी देखा वो दंग रह गया...जानते हैं इस फिल्म में उनका जो मेक अप है उसे पहनने में अमिताभ को चार घंटे का समय लगता था और उतारने में दो घंटे, और प्रतिदिन ४ घंटे का शूट होता था क्योंकि इससे अधिक समय तक उस मेक अप को पहना नहीं जा सकता था. इस उम्र में भी अपने काम के प्रति इतनी तन्मयता अद्भुत ही है. आज से ठीक ४० साल पहले प्रर्दशित "सात हिन्दुस्तानी" जिसमें अमिताभ सबसे पहले परदे पर नज़र आये थे, उसका जिक्र हमने पिछले रविवार को किया था....चलिए अब इसी सफ़र को आगे बढाते हैं एक बार फिर दीपाली जी के साथ, सदी के सबसे बड़े महानायक की पसंद के ३ और गीत और उनके बनने से जुडी उनकी यादों को लेकर....


दोस्तों हमने आपसे वादा किया था कि अगले अंक में भी हम अपना सफर जारी रखेंगे. तो लीजिये हम हाजिर हैं फिर से अपना यादों का काफिला लेकर जिसके मुखिया अमिताभ बच्चन सफर को यादगार बनाने के लिये कुछ अनोखे पल बयाँ कर रहे हैं. आइये इन यादों में से हम भी अपने लिये कुछ पल चुरा लें.

नदिया किनारे....(अभिमान)बेलगाम

यह फ़िल्म मेरे और जया के लिये बहुत खास है क्योंकि हमने इसे प्रोड्यूस किया था. ह्रिशीदा हमारे गाडफादर थे. इस फिल्म में एस.डी. बर्मन ने संगीत दिया और इस संगीत की महफिलों के दौरान हमने जो समय उनके साथ बिताया वो कभी भूलने वाला नहीं है. जिस तरह से वह गाते थे उस तरह का प्रयास हमारी गायिकी में नहीं आ पाता था. मुझे हमेशा लगता थी कि कहीं कुछ कमी है. वो बहुत ही सुन्दरता से गाते थे. यह गाना बेलगाम के पास एक गाँव में फिल्माया गया था. ह्रिशीदा एक ऐसे गाँव का माहौल चाहते थे जिसमें एक छोटा सा मंदिर, नदी और एक छोटा सा तालाब हो जो दो प्रेमियों के लिये प्यार का वातावरण तैयार करे. हमें ऐसा ही तालाब मिला. तब तक मेरी और जया के शादी नहीं हुई थी और यह समय हम दोनों के लियी ही स्पेशल था. उस समय जया के लम्बे बाल थे.



देखा ना हाय रे...(बाम्बे टू गोआ), मद्रास

मुझे याद है कि इस गाने पर बहुत मेहनत के गयी थी और यह गाना बस के अन्दर फिल्माया गया था. पी. एल. राजमास्टर हमारे कोरियोग्राफर थे और बड़े ही कड़क थे. अगर आप अपने स्टेप्स सही से नही करते तो वह बहुत डाँटते और मारते भी थे. हमें एक बस को मुम्बई से गोआ ले जाना था और गाने को बीच में ही शूट करना था. पर जैसे ही हम अंधेरी पहुँचे बस खराब हो गयी. तब मद्रास में हमने नागी रेड्डी स्टूडियो में सेट लगाया और गाना शूट किया. क्योंकि मैं इन्डस्ट्री में नया था इसलिये महमूद भाईजान के साथ समय बिताता था जो शूटिंग के समय "कमाआन टाईगर, यू कैन डू इट" कहकर बहुत ही ज्यादा प्रोत्साहित करते थे. चालीस मेम्बरों की पूरी स्टार कास्ट बस के बाहर खड़ी रहती और मुझे प्रोत्साहित करती थी. प्रत्येक शाट के बाद महमूद भाई मेरे लिये जूस बनाते और कहते जाओ नाचो.



माई नेम इज एन्थनी....(अमर अकबर एन्थनी), मुम्बई

मनमोहन देसाई अजब गाने और अजब सिचुएसन सोचते थे. जब वह गाने को बताते थे तब हमारा पहला रियेक्शन उस पर हँसना होता था. वे पहले गाने को सोचते थे फिर उसके चारों और के सीन पर काम करते थे. किसी को भी उन पर विश्वास नहीं था. हम सोचते थे कि ऐसा कैसे हो सकता है कि एक आदमी सोला टोपी पहने अंडे से निकले और गाये कि "माई नेम इस एन्थनी गान्साल्वेस".यह गाना जुहू के ’होलीडे इन लोबी’ में फिल्माया गया था. इस गाने की रिकार्डिंग के लिये वो चाहते थे कि मैं कुछ "अगड़म बगड़म" जैसे शब्द डाँलू. मैने सोचा कि जब हम पागल हो ही गये हैं तो क्यों ना इसमें कुछ पागलपन डाला जाये. जब मैं रिकार्डिंग में था तो लक्ष्मीकान्त-प्यारेलाल जी ने मुझसे पूछा कि मैं क्या गाने वाला हूँ. मैने कहा कि मुझे याद नहीं है कुछ कर लेंगे. यह गाना फेमस स्टूडियो ’तारादेव’ में रिकार्ड किया गया जहाँ सभी बड़े-बड़े संगीतकार आये थे. जब मैं इन्डस्ट्री में नया था तब मुझे कहा गया था कि यहाँ हर दिन गाने रिकार्ड होते है और मुझे किसी बड़े आदमी से मिलने की कोशिश करनी चाहिये. मैं सड़क पर रफीसाहब, लताजी और दूसरे लोगों का अन्दर जाने के लिये इंतजार करता था लेकिन मेरी कभी भी उन तक पहुँचने की हिम्मत नही हुई. खैर गाना एक ही बार में रिकार्ड हो गया. अगर कोइ भी एक गलती करता तो पूरा गाना दुबारा से गाना पड़ता. मुझे बड़े-बड़े गायकों के बीच में बैठना था मैने किसी तरह गाने को एक टेक में किया और सोचा कि ’बच गये’.



उम्मींद है कि आपको इस यादों के सफर में आनंद आया होगा. तो दोस्तों देखा आपने जो दिखता है जरूरी नहीं कि सच्चाई भी वही हो. परदे के पीछे बहुत कुछ अलग होता है. किसी काम को सफल बनाने व पूरा करने में तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. लेकिन कहते हैं कि ’अंत भला तो सब भला’. हमारा अमिताभ जी के साथ यहीं तक का सफर था. तो चलिए आपसे और अमिताभ जी से अब हम विदा लेते है. अगली मुलाकात तक खुश रहिये, स्वस्थ रहिये और हाँ हिन्दयुग्म पर हमसे मिलते रहिये.

साभार -टाईम्स ऑफ़ इंडिया
प्रस्तुति-दीपाली तिवारी "दिशा"


"रविवार सुबह की कॉफी और कुछ दुर्लभ गीत" एक शृंखला है कुछ बेहद दुर्लभ गीतों के संकलन की. कुछ ऐसे गीत जो अमूमन कहीं सुनने को नहीं मिलते, या फिर ऐसे गीत जिन्हें पर्याप्त प्रचार नहीं मिल पाया और अच्छे होने के बावजूद एक बड़े श्रोता वर्ग तक वो नहीं पहुँच पाया. ये गीत नए भी हो सकते हैं और पुराने भी. आवाज़ के बहुत से ऐसे नियमित श्रोता हैं जो न सिर्फ संगीत प्रेमी हैं बल्कि उनके पास अपने पसंदीदा संगीत का एक विशाल खजाना भी उपलब्ध है. इस स्तम्भ के माध्यम से हम उनका परिचय आप सब से करवाते रहेंगें. और सुनवाते रहेंगें उनके संकलन के वो अनूठे गीत. यदि आपके पास भी हैं कुछ ऐसे अनमोल गीत और उन्हें आप अपने जैसे अन्य संगीत प्रेमियों के साथ बाँटना चाहते हैं, तो हमें लिखिए. यदि कोई ख़ास गीत ऐसा है जिसे आप ढूंढ रहे हैं तो उनकी फरमाईश भी यहाँ रख सकते हैं. हो सकता है किसी रसिक के पास वो गीत हो जिसे आप खोज रहे हों.

Sunday, November 8, 2009

रविवार सुबह की कॉफी और अमिताभ बच्चन की पसंद के गीत (२०)

आज से ठीक ४० साल पहले एक फिल्म प्रर्दशित हुई थी जिसक नाम था -"सात हिन्दुस्तानी". बेशक ये फिल्म व्यवसायिक मापदंडों पर विफल रही थी, पर इसे आज भी याद किया जाता है और शायद हमेशा याद किया जायेगा सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म के रूप में. अमिताभ ने इस फिल्म में एक मुस्लिम शायर की भूमिका निभाई थी. फिल्म का निर्देशन किया विख्यात ख्वाजा अहमद अब्बास ने (इनके बारे फिर कभी विस्तार से), संगीत जे पी कौशिक का था, जो लीक से हट कर बनने वाली फिल्मों में संगीत देने के लिए जाने जाते हैं. शशि कपूर की जूनून में भी इन्हीं का संगीत था, गीत लिखे कैफी आज़मी ने जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय सम्मान भी हासिल हुआ, गीत था महेंद्र कपूर का गाया "आंधी आये कि तूफ़ान कोई....". अमिताभ ने भी इस फिल्म के के लिए "सर्वश्रेष्ठ युवा (पहली फिल्म) का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता. मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि आज भी बच्चन साहब ने (जो अब तक शायद सैकडों सम्मान प्राप्त कर चुके होंगें) इस सम्मान को बेहद सहेज कर रखा होगा....इस फिल्म "सात हिन्दुस्तानी" के बारे में कुछ और बातें करेंगे अगले रविवार... फिलहाल आपके कानों को सुपुर्द करते हैं एक बार फिर दीपाली जी के हाथों में, जो आपको महानायक के 7 पसंदीदा गीतों के सफ़र पर उन्हीं के अनुभवों को आपके साथ बाँट रही हैं. आज सुनिए 4 गीत, बाकी 3 अगले रविवार....


सदी का महानायक कहें या शहंशाह, एंथानी गोन्सालविस या फिर बिग बी कुछ भी कहिये, लेकिन एक ही चेहरा और एक ही आवाज दिखाई-सुनाई देती है और वो नाम है अमिताभ बच्चन का. कहते है कि कोइ-कोइ विरले ही होते है जो इतना मान तथा सम्मान पाते हैं, अमिताभ बच्चन उन्हीं विरलों में से एक हैं जिन्होंने हिन्दी सिनेमा के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में अपना नाम अंकित किया है. प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन के पुत्र अमिताभ ने अपने नाम को सही मायनों में चरित्रार्थ किया है. अमिताभ ने फिल्म जगत में जब कदम रखा था तो कभी सोचा भी न होगा कि उनका ये सफर इतना लम्बा, यादगार तथा कभी खत्म ना होने वाला सफर होगा. आज हम आपके लिये उनके इस यादगार सफर के कुछ जाने-अनजाने पहलू लेकर आये है उम्मींद है आपको ये लम्हे पसंद आयेंगे. तो चलिये हम ले चलते है आपको अमिताभ बच्चन के साथ यादों के सफर पर ...........बकौल अमिताभ

नीला आसमां सो गया-दिल्ली

यश जी को यह गाना मैने ही सुझाया था.उन्हे फिल्म के लिये एक साफ्ट और मेलोडियस गाना चाहिये था. मैं आपको इस गाने से जुडी बात बताता हूँ. मैने शम्मी कपूर जी के साथ कई फिल्में की इसलिये वो मेरे करीबी हैं. उन्हें संगीत का बहुत शौक है मैं जब भी उनके घर जाता तो वो अक्सर एक पहाडी धुन गुनगुनाते थे. बाद में उस धुन को इस गाने का रूप दिया था. मैने इस गाने को यश जी को बताया तो वो राजी हो गये. हमने इस गाने के लिये शम्मी जी की इजाजत ली. संगीतकार हरिजी व शिवजी को ये गाना पसंद आया. उन्होंने मुझसे गाने को कहा लेकिन मैं कोइ गायक नही था फिर भी मैने इस गीत को गाया. मेरे परिवार तथा दोस्तों ने मुझसे कहा कि मैं फिर कभी दुबारा न गाऊँ. फिल्म की ज्यादातर शूटिंग दिल्ली और कश्मीर में की गयी. यह गाना रात में दिल्ली के एक फार्म हाउस में शूट किया गया.



कभी-कभी मेरे दिल में-श्रीनगर

हम यश जी और पूरी स्टार टीम के साथ एक महीना श्रीनगर में रुके थे. जब मन किया तो शूट किया और जब मन किया तो बोटिंग और पिकनिक की. सभी स्टारकास्ट अपनी फैमिली के साथ आयी थी. हर दिन किसी ना किसी परिवार का सदस्य कोइ ना कोइ खाना बनाता. हमने पूरी फिल्म एक पारिवारिक माहौल में शूट की जो कि फिल्म में भी दिखाई देता है. गाने के बोल शाहिर लुधियानवी जी ने लिखे थे. मुझे और यश जी को शक था कि फिल्म लोगों द्वारा स्वीकार की जायेगी भी या नहीं. उन्हीं दिनों मैंने दीवार.शोले और जंजीर जैसी फिल्मों में एन्ग्रीयंगमैन की भूमिकायें निभायी थी. जनता भी ताज्जुब में थी कि एन्ग्रीयंगमैन ने रोमांटिक किरदार कैसे निभाया. लेकिन यशजी फिल्म में और मारधाड़ नहीं चाहते थे, उन्हें केवल रोमांस चाहिये था. उनका विश्वास सही निकला सभी ने फिल्म को पसंद किया.



ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे-रामनगरम.

फिल्म का ज्यादातर भाग बैंगलौर के निकट रामनगरम में फिल्माया गया है. यह गीत बाइक और साइड कार में फिल्माया गया है. बाइक के साथ साइड कार में यह दृश्य फिल्माना कठिन था.रमेश सिप्पी जी एक सीन में चाहते थे कि धर्मेंद्र मेरे कंधे पर बैठे और साइड कार को अलग करके बाद में दुबारा बाइक से मिलाना था. कैमरा कार में लोड किया गया और उसी के साथ घूमते हुए हमें बाइक चलानी थी. यह भी आइडिया नहीं था कि हम कैसे निश्चित जगह पर एक साथ मिलेगे. हम नहीं जानते थे कि ये कैसे होगा लेकिन हमने ये एक ही टेक में किया.



सारा जमाना.....याराना-कोलकाता

फिल्म के प्रड्यूसर हबीब नाडियावाला को इस गाने का आइडिया मैने दिया. मैने पहले भी कोलकाता में कई फिल्में जैसे- 'दो अन्जाने' की थी. मुझे लगा कि अगर हम कोलकाता में शूट करेंगे तो बहुत लोग शूटिंग देखने आयेंगे. इस तरह नेचुरल भीड़ का इन्तजाम हो जायेगा. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस स्टेडियम तभी बना था और फिल्म के गाने के लिये वो जगह अच्छी थी. इसी बीच मुझे राबर्ट रेडफोर्ड की फिल्म का पोस्टर देखने को मिला जिसमें वो एक चमकीला आउटफिट पहनकर घोड़े पर राइड कर रहे थे. तब मैने सोचा क्यों ना एक ऐसी ड्रेस पहनी जाये जिसमें बल्ब लगे हों. हमने ये काम मेरे कपड़े सिलने वाले अकबर मियां को बताया और उन्होंने इस गीत के किये यह ड्रेस तैयार की. उन दिनों बैटरी का सिस्टम नही था. टेलर ने कपडो में ही इलेक्ट्रिक वायर फिट करके ड्रेस तैयार की. जब मैने उसे ऐसे ही चलाना शुरु किया तो वायर में कुछ प्राब्लम हो गयी और मुझे करंट लग गया.

इसके अलावा दूसरा चेलेंज जनता को कंट्रोल करना था. पुलिस आयी मारपीट हुए जिस वजह से हमें सब कुछ लपेटना पड़ा.हमने बाकी का पार्ट रात में शूट करने का फैसला किया. लोगों को दिखाने के बजाय किसी को रात में १२०००-१३००० मोमबत्ती जलाने को कहा गया. फिर हमने शाम की फ्लाइट पकड़ी और गाने को पूरा किया.



कहते हैं की परदे के पीछे की कहानी कुछ और ही होती है. अमिताभ जी ने जिन बातों को हमें बताया उससे हमें परदे के पीछे की कई दिलचस्प बातों का पता चलता है. ये बातें एक तरफ हमें नई चीजों से रुबरु कराती हैं वहीं घटनाओं की सच्चाई रोंगटे भी खड़े कर देती है. खैर बातचीत का ये सफर हम अपने अगले अंक में भी जारी रखेंगे. तब तक के लिये दीजिये इजाजत.

साभार -टाईम्स ऑफ़ इंडिया
दीपाली तिवारी "दिशा"


"रविवार सुबह की कॉफी और कुछ दुर्लभ गीत" एक शृंखला है कुछ बेहद दुर्लभ गीतों के संकलन की. कुछ ऐसे गीत जो अमूमन कहीं सुनने को नहीं मिलते, या फिर ऐसे गीत जिन्हें पर्याप्त प्रचार नहीं मिल पाया और अच्छे होने के बावजूद एक बड़े श्रोता वर्ग तक वो नहीं पहुँच पाया. ये गीत नए भी हो सकते हैं और पुराने भी. आवाज़ के बहुत से ऐसे नियमित श्रोता हैं जो न सिर्फ संगीत प्रेमी हैं बल्कि उनके पास अपने पसंदीदा संगीत का एक विशाल खजाना भी उपलब्ध है. इस स्तम्भ के माध्यम से हम उनका परिचय आप सब से करवाते रहेंगें. और सुनवाते रहेंगें उनके संकलन के वो अनूठे गीत. यदि आपके पास भी हैं कुछ ऐसे अनमोल गीत और उन्हें आप अपने जैसे अन्य संगीत प्रेमियों के साथ बाँटना चाहते हैं, तो हमें लिखिए. यदि कोई ख़ास गीत ऐसा है जिसे आप ढूंढ रहे हैं तो उनकी फरमाईश भी यहाँ रख सकते हैं. हो सकता है किसी रसिक के पास वो गीत हो जिसे आप खोज रहे हों.

Tuesday, March 3, 2009

महानायक के लिए महागायक से बेहतर कौन

आवाज के दो बडे जादूगर--अमिताभ बच्चन और किशोर कुमार

वेदोनों ही अपनी आवाज से अनोखा जादू जगाते हैं। उनकी सधी हुई आवाज हमें असीम गहराई की ओर ले जाती है। इन दोनों में से एक महागायक है तो दूसरा महानायक। कभी इस महानायक की बुलंद आवाज को ऑल इंडिया रेडियो ने नकार दिया था और दूसरी दमदार आवाज उस इंसान की है जिनकी आवाज बिमारी के कारण प्रभावित हो गई थी। कालंतर में इन दोनों की आवाज एक दूसरे की सफलता की "वौइस्" बनी.



जैसे एक सच्चे तपस्वी ने कठिन तपस्या से अपनी कामनाओं को साध लिया हो उसी तरह इन दोनों महान कलाकारों ने अपनी आवाज को रियाज से साध लिया था। यदि अब तक आप इन दो विभूतियों को ना जान पाये हो तो हम बता देते हैं कि यहाँ बात हो रही है, महान नायक अमिताभ बच्चन और महान गायक स्वर्गीय किशोर कुमार की।



किस्मत देर सवेर अपना रंग दिखा ही देती हैं, कभी रेडियो द्वारा अस्वीकृत कर देने वाली अमिताभ बच्चन की आवाज को बाद में महान निदेशक सत्यजीत राय ने अपनी फिल्म शतरंज के खिलाडी में कमेंट्री के लिये चुना था, इससे बेहतर उनकी आवाज की प्रशंसा क्या हो सकती है।



उधर किशोर कुमार को भी पहले पहल केवल कुछ हल्के फुल्के गीत ही गाने को मिले। "फन्टूश" फिल्म के गीत "दुखी मन मेरे सुन मेरा करना" के बाद से ही उनके गायन को गम्भीरता से लिया जाने लगा। जब किशोर कुमार फिल्म गायकी की ओर मुडे तो पहले से ही मोहम्मद रफी, मुकेश और तलत महमुद भारतीय फिल्म संगीत के आसमान पर चमकते सितारे के रुप में चमक रहे थे। पर जब एक बार किशोर कुमार ने अपने कदम फिल्म इंडस्ट्री में जमा लिये तो फिर वे पूरी तरह से छा गये। किशोर कुमार ने संगीत की कोई विधिवत शिक्षा नहीं ली थी। उनके गायन का अंदाज अपने समकालीनों से बिलकुल अलग था। उनका यह अलग अंदाज ही उन्हें बहुत दूर तक ले गया।



फिल्म "जिद्दी" के बाद तो वे बेहद मशहुर हो गये थे और जब ये दोनों किस्मत के धनी लोग आपस में मिले तो एक ने गायक के रूप में और दूसरे ने अभिनेता के रूप में अपनी ऊर्जा का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुये भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया।



जब एकदम से नये अभिनेता, अमिताभ बच्चन को, किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी तब शायद वे नहीं जानते थे कि वे भविष्य के सुपर स्टार को अपनी आवाज दे रहे हैं। अभिमान, फिल्म के इस मशहुर गीत, "मीत ना मिला रे मन का" के बाद से ही किशोर कुमार अमिताभ की आवाज के रूप में स्थापित हो गये थे।



अमिताभ के विशाल व्यक्तित्व पर किशोर कुमार की बुलंद आवाज बिलकुल सही जमती है। किशोर कुमार जब अमिताभ के लिये गाते हैं तो लगता है यह आवाज किसी परदे के पीछे के गायक की नहीं बल्कि यह स्वयं अमिताभ की ही आवाज है। यहाँ यह बात गौर करने लायक है कि अमिताभ स्वयं भी अच्छा गला रखते हैं। "नीला आसमान सो गया","रंग बरसे भीगे चुनर वाली रंग बरसे","मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है" और हाल ही में निशब्द फिल्म में गाया हुआ उनका यह गीत, "रोजाना जिये रोजाना मरे तेरी यादों में" कुछ लाजवाब उदाहरण हैं।



अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा में एक एंग्री यंग मैन के रूप में उभरे और उन पर किशोर कुमार की गहरी आवाज बिलकुल सटीक बैठी। इस एंग्री यंग मैन पर फिल्माये गये, किशोर कुमार के कुछ उदासी भरे गीत जैसे "बडी सूनी सूनी है, "आये तुम याद मुझें"," भी उतना ही असर दिखाते है जितना एक संवेदनशील प्रेमी के रूप में उन पर फिल्माये हुये कभी कभी, फिल्म के गीत और "सिलसिला" फिल्म के ये खूबसूरत गीत "यह कहाँ आ गये हम"," देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुये", शक्ति फिल्म का यह मधुर गाना, "जाने कैसे कब कहाँ" और "अमर अकबर अन्थोनी" के कॉमेडी रोल में गाया हुआ यह गीत "माई नेम इज ऐन्थनी गोंसाल्विस" ।



७० से ८० तक के दशक में किशोर कुमार और अमिताभ दोनों के सितारें बुलंदी पर थे। संगीतकार राहुल देव बमन, गीतकार किशोर कुमार और अमिताभ बच्चन इन तीनों की तिकडी ने कई मधुर गीत फिल्म जगत को दिये। उस दौर के कुछ लाजवाब गीत हैं, "नहीं मैं नहीं देख सकता तुम्हें रोते हुये"," मीत ना मिला रे मन का"," तेरे मेरे मिलन की ये रैना", "रोते रोते हँसना सीखों", "यह अंधा कानून है"," कालीराम का बज गया ढोल", "अपने प्यार के सपनें", "देखा ना हाय हाय"," सा रे गा मा"," खाई के पान बनारस वाला", "अरे दिवानों मुझे पहचानों"," मैं प्यासा तुम सावन, मैं दिल तू मेरी धडकन"," तुम साथ हो मेरे", "जब से तुमको देखा, देखा ही करते हैं","अपनी तो ऐसे तैसे", "तेरा फुलों जैसा रंग',"ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना", "रोते हुये आते हैं सब", "मंजिले अपनी जगह हैं","रिमझिम गिरे सावन"," आज रपट जाये तो हमें ना", "पग घुँघरू बाँध मीरा नाची थी", "थोडी सी जो पी ली है"," तेरे जैसा यार कहाँ"," ऐ यार सुन तेरी यारी"," देखा इक ख्वाब तो ये सिलसिले हुये"," ये दोस्ती हम नहीं तोडेगें", और शराबी का यह प्रसिद्ध गीत--दे दे प्यार दे", " छू कर मेरे मन को", " तेरे जैसा यार कहाँ","खून पसीने की जो मिलेगी तो खायेंगें"।



फिल्म का निर्माण एक साँझा प्रयास होता है। इसमें संगीतकार,गीतकार, अभिनेता-अभिनेता, निर्देशक, सभी का योगदान होता है। जब कोई एक इनमें से अलग हो जाता है तो किसी न किसी पर इसका असर पडता है। यही हुआ अमिताभ के साथ, जब उनकी किशोर कुमार के साथ अनबन हो गई तो अमिताभ की नम्बर वन की कुर्सी भी धीरे-धीरे उनकें हाथ से खिसकती चली गई। किशोर कुमार मस्तमौला किस्म के इंसान थे और इस तरह के लोग जिद्दी होते हैं कोई उनकी बात ना माने यह उन्हें गवारा नहीं होता। कहा जाता है इस अनबन के पीछे बात यह थी कि किशोर कुमार की एक फिल्म में अमिताभ बच्चन ने काम करने से मना कर दिया था। पर जब तक इन दोनों का साथ रहा तब तक हिंदी फिल्म सिनेमाई संगीत अपनी झोली में कई गीत डाल चुका था।

"इंतहा हो गई इंतजार की", "मीत ना मिला रे मन का", "छू कर मेरे मन को","बडी सुनी सुनी है", जैसे मर्मस्पर्शी
गीत हमेशा संगीत प्रेमियों की पहली पसंद बने रहेगें।

प्रस्तुति - विपिन चौधरी


Wednesday, February 11, 2009

मेरी प्यास हो न हो जग को...मैं प्यासा निर्झर हूँ...- कवि गीतकार पंडित नरेंद्र शर्मा जी की याद में

महान कवि और गीतकार पंडित नरेन्द्र शर्मा जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रही है सुपुत्री लावण्य शाह -

काव्य सँग्रह "प्यासा ~ निर्झर" की शीर्ष कविता मेँ कवि नरेँद्र कहते हैँ-

"मेरे सिवा और भी कुछ है,
जिस पर मैँ निर्भर हूँ
मेरी प्यास हो ना हो जग को,
मैँ,प्यासा निर्झर हूँ"


हमारे परिवार के "ज्योति -कलश" मेरे पापा और फिल्म "भाभी की चूडीयाँ " फिल्म के गीत मेँ,"ज्योति कलश छलके" शब्द भी उन्हीँ के लिखे हुए हैँ जिसे स्वर साम्राज्ञी लता दीदी ने भूपाली राग मेँ गा कर फिल्मोँ के सँगीत मेँ साहित्य का,सुवर्ण सा चमकता पृष्ठ जोड दिया !"यही हैँ मेरे लिये पापा"!

हमारे परिवार के सूर्य !
जिनसे हमेँ ज्ञान, भारतीय वाँग्मय, साहित्य,कला,संगीत,कविता तथा शिष्टाचार के साथ इन्सानियत का बोध पाठ भी सहजता से मिला- ये उन के व्यक्तित्त्व का सूर्य ही था जिसका प्रभामँडल "ज्योति कलश" की भाँति, उर्जा स्त्रोत बना हमेँ सीँचता रहा -


मेरे पापा उत्तर भारत, खुर्जा ,जिल्ला बुलँद शहर के जहाँगीरपुर गाँव के पटवारी घराने मेँ जन्मे थे.प्राँरभिक शिक्षा खुर्जा मेँ हुई -इलाहबाद विश्वविद्यालय से अँग्रेजी साहित्य मेँ M/A करनेके बाद, वे विविध प्रकार की साहित्यिक गतिविधियोँ से जुडे रहे
जैसा यहाँ सुप्रसिद्ध लेखक मेरे चाचा जी अमृत लाल नागर जी लिखते हैँ -"अपने छात्र जीवन मेँ ही कुछ पैसे कमाने के लिये नरेन्द्र जी कुछ दिनोँ तक "भारत" के सँपादीय विभाग मेँ काम करते थे. शायद "अभ्युदय" के सँपादीकय विभाग मेँ भी उन्होने काम किया था. M.A पास कर चुकने के बाद वह अकेले भारतीय काँग्रेस कमिटी के दफ्तर मेँ भी हिन्दी अधिकारी के रुप मेँ काम करने लगे. उस समय जनता राज मेँ राज्यपाल रह चुकनेवाले श्री सादिक अली(पढेँ यह आलेख सादिक अली जी द्वारा लिखा हुआ )और भारत के दूसरे या तीसरे सूचना मँत्री के रुप मेँ काम कर चुकनेवाले स्व. बालकृष्ण केसकर भी उनके साथ काम करते थे.एक बार मैँने उन दिनोँ का एक फोटोग्राफ भी बँधु के यहाँ देखा था. उसी समय कुछ दिनोँ के लिये वह कोँग्रेस के अध्यक्ष पँडित जवाहरलाल नेहरु के कार्यालय के सचिव भी रहे थे. इतने प्रतिभाशाली होने के बावजूद उन्होँने कभी, किसी से किसी प्रकार की मदद नहीं माँगी.फिल्मोँ मेँ उन्होँने सफल गीतकार के रुप मेँ अच्छी ख्याति अर्जित की. उससे भी अधिक ज्योतीषी के रुप मेँ भी उन्होँने वहाँ खूब प्रतिष्ठा पायी."

जैसा यहाँ नागर जी चाचा जी ने लिखा है, पापा कुछ वर्ष आनँद भवन मेँ अखिल भारतीय कोँग्रेस कमिटि के हिँदी विभाग से जुडे और वहीँ से २ साल के लिये,नज़रबंद किये गए -देवली जेल मेँ भूख हडताल से (१४ दिनो तक) ....जब बीमार हाल मेँ रिहा किए गए तब गाँव, मेरी दादीजी गँगादेवी से मिलने गये - ---जहाँ बँदनवारोँ को सजा कर देशभक्त कवि नरेन्द्र का हर्षोल्ल्लास सहित स्वागत किया गया - वहीँ से श्री भगवती चरण वर्मा जी ("चित्रलेखा" के प्रसिद्ध लेखक)के आग्रह से बम्बई आ बसे -वहीँ गुजराती कन्या सुशीला से पँतजी के आग्रह से व आशीर्वाद से पाणि ग्रहण सँस्कार संपन्न हुए. बारात मेँ हिँदी साहित्य जगत और फिल्म जगत की महत्त्व पूर्ण हस्तियाँ हाजिर थीँ --

श्री अमृतलाल नागर - संस्मरण : ~~~~
"खुर्जा कुरु जाँगल का ही बिगडा हुआ नाम है.उनके पिता पँडित पूरनलाल जी गौड जहाँगीरपुर ग्राम के पटवारी थे बडे कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार, सात्विक विचारोँ के ब्राह्मण !अल्पायु मेँ ही उनका देहावसन हो गया था. उनके ताऊजी ने ही उनकी देखरेख की और पालन पोषण उनकी गँगा स्वरुपा माता स्व. गँगादेवी ने ही किया. आर्यसमाज और राष्ट्रीय आँदोलन के दिन थे, इसलिये नरेन्द्र जी पर बचपन से ही सामाजिक सुधारोँ का प्रभाव पडा, साथ ही राष्ट्रीय चेतना का भी विकास हुआ. नरेन्द्रजी अक्सर मौज मेँ आकर अपने बचपन मेँ याद किया हुआ एक आर्यसमाजी गीत भी गाया करते थे, मुझे जिसकी पँक्ति अब तक याद है -
- "वादवलिया ऋषियातेरे आवन की लोड"

लेकिन माताजी बडी सँस्कारवाली ब्राह्मणी थीँ उनका प्रभाव बँधु पर अधिक पडा. जहाँ तक याद पडता है उनके ताऊजी ने उन्हेँ गाँव मेँ अँग्रेजी पढाना शुरु किया था बाद मेँ वे खुर्जा के एक स्कूल मेँ भर्ती कराये गये. उनके हेडमास्टर स्वर्गीय जगदीशचँद्र माथुर के पिता श्री लक्ष्मीनारायण जी माथुर थे. लक्ष्मीनारायण जी को तेज छात्र बहुत प्रिय थे. स्कूल मे होनेवाली डिबेटोँ मेँ वे अक्सर भाग लिया करते थे. बोलने मेँ तेज ! इन वाद विवाद प्रतियोगिताओं मेँ वे अक्सर फर्स्ट या सेकँड आया करते थे.

जगदीशचँद्र जी माथुर नरेन्द्र जी से आयु मे चार या पाँच साल छोटे थे. बाद मेँ तत्कालीक सूचना मँत्री बालकृष्ण केसकर ने उन्हेँ आकाशवाणी के डायरेक्टर जनरल के पद पर नियुक्त किया. जगदीशचँद्र जी सुलेखक एवँ नाटककार भी थे तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय मे पढते समय भी उनका श्रद्धेय सुमित्रा नँदन पँत और नरेन्द्र जी से बहुत सँपर्क रहा. वह बँधुको सदा "नरेन्द्र भाई" ही कहा करते थे --अवकाश प्राप्त करने के बाद,एक बार,मेरी उनसे दिल्ली मेँ लँबी और आत्मीय बातेँ हुईँ थी उन्होँने ही मुझे बताया था कि उनके स्वर्गीय पिताजी ने ही उन्हेँ (बँधु को) सदा "नरेन्द्र भाई" कहकर ही सँबोधित करने का आदेश दिया था. नरेन्द्र जी इलाहाबाद मेँ रहते हुए ही कविवर बच्चन, शमशेर बहादुर सिँह, केदार नाथ अग्रवाल और श्री वीरेश्वर से जो बाद मेँ "माया" के सँपादक हुए ,उनका घनिष्ट मैत्री सँबध स्थापित हो गया था. ये सब लोग श्रद्धेय पँतजी के परम भक्त थे. और पँतजी का भी बँधु के प्रति एक अनोखा वात्सल्य भाव था, वह मैँने पँतजी के बम्बई आने और बँधु के साथ रहने पर अपनी आँखोँ से देखा था.

नरेन्द्र जी के खिलँदडेपन और हँसी - मजाक भरे स्वभाव के कारण दोनोँ मेँ खूब छेड छाड भी होती थी. किन्तु, यह सब होने के बावजूद दोनोँ ने एक दूसरे को अपने ढँग से खूब प्रभावित किया था. नरेन्द्र जी की षष्ठिपूर्ति के अवसर पर, बँबईवालोँ ने एक स्मरणीय अभिनँदन समारोह का आयोजन किया था. तब तक सुपर स्टार चि. अमिताभ के पिता की हैसियत से आदरणीय बच्चन भाई भी बम्बई के निवासी हो चुके थे. उन्होँने एक बडा ही मार्मिक और स्नेह पूर्ण भाषण दिया था, जो नरेन्द्र के अभिनँदन ग्रँथ "ज्योति ~ कलश" मेँ छपा भी है.

उक्त अभिनँदन समारोह मेँ किसी विद्वान ने नरेन्द्र जी को प्रेमानुभूतियोँ का कवि कहा था !इस बात को स्वीकार करते हुए भी बच्चन भाई ने बडे खुले दिल से यह कहा था कि अपनी प्रेमाभिव्यक्तियोँ मेँ भी नरेन्द्र जी ने जिन गहराइयोँ को छुआ है और सहज ढँग से व्यक्त किया वैसा छायावाद का अन्य कोई कवि नहीँ कर पाया !(पूरा पढ़ें..)

भारत कोकिला श्रीमती सुब्बुलक्ष्मी जी की एक फिल्म् "मीरा" हिन्दी मेँ डब कर रहा था और इस निमित्त से वह और उनके पति श्रीमान् सदाशिवम् जी बँबई ही रह रहे थे। बँधुवर नरेन्द्रजी ने उक्त फिल्म के कुछ तमिल गीतोँ को हिन्दी मे इस तरह रुपान्तरित कर दिया कि वे मेरी डबिँग मेँ जुड सकेँ। सदाशिवं जी और उनकी स्वनामधन्य पत्नी तथा तथा बेटी राधा हम लोगोँ के साथ व्यावसायिक नहीँ किन्तु पारिवारिक प्रेम व्यवहार करने लगे थे. सदाशिवं जी ने बँबई मेँ ही एक नयी शेवरलेट गाडी खरीदी थी.वह जोश मेँ आकर बोले,"इस गाडी मेँ पहले हमारा यह वर ही यात्रा करेगा !"

गाडी फूलोँ से खूब सजाई गई उसमेँ वर के साथ माननीय सुब्बुलक्ष्मी जी व प्रतिभा बैठीँ । समधी का कार्य श्रद्धेय सुमित्रनँदन पँत ने किया। बडी शानदार बारात थी !बँबई के सभी नामी फिल्मस्टार और नृत्य - सम्राट उदयशँकर जी उस वर यात्रा मेँ सम्मिलित हुए थे.बडी धूमधाम से विवाह हुआ.मेरी माता बंधु से बहुत प्रसन्न् थी और पँत जी को ,जो उन दिनोँ बँबई मेँ ही नरेन्द्र जी के साथ रहा करते थे, वह देवता के समान पूज्य मानती थी ।मुझसे बोली,"नरेन्द्र और बहु का स्वागत हमारे घर पर होगा !"

दक्षिण भारत कोकिला : सुब्बुलक्षमीजी, सुरैयाजी, दीलिप कुमार, अशोक कुमार, अमृतलाल नागर व श्रीमती प्रतिभा नागरजी, भगवती बाब्य्, सपत्नीक, अनिल बिश्वासजी, गुरु दत्तजी, चेतनानँदजी, देवानँदजी इत्यादी सभी इस विलक्षण विवाह मेँ सम्मिलित हुए थे और नई दुल्हन को कुमकुम के थाल पर पग धरवा कर गृह प्रवेश करवाया गया उस समय सुरैया जी तथा सुब्बुलक्ष्मी जी मे मँगल गीत गाये थे और जैसी बारात थी उसी प्रकार बम्बई के उपनगर खार मेँ, १९ वे रास्ते पर स्थित उनका आवास भी बस गया - न्यू योर्क भारतीय भवन के सँचालक श्रीमान डा.जयरामनजी के शब्दोँ मेँ कहूँ तो "हिँदी साहित्य का तीर्थ - स्थान" बम्बई जेसे महानगर मेँ एक शीतल सुखद धाम मेँ परिवर्तित हो गया --

मेरी अम्मा स्व. श्रीमती सुशीला नरेन्द्र शर्मा का एक सँस्मरण है ~~
जब मुझसे बडी बहन वासवी का जन्म हो गया था तब पापा जी और अम्मा सुशीला माटुँगा तैकलवाडी के घर पर रहते थे इसी २ कमरे वाले फ्लैट मेँ कवि श्रेष्ठ श्री सुमित्रा नँदन पँत जी भी पापा जी के साथ कुछ वर्ष रह चुके थे -एक दिन पापाजी और अम्मा बाज़ार से सौदा लिये किराये की घोडागाडी से घर लौट रहे थे -अम्मा ने बडे चाव से एक बहुत महँगा छाता भी खरीदा था -जो नन्ही वासवी (मेरी बडी बहन ) और साग सब्जी उतारने मेँ अम्मा वहीँ भूल गईँ -जैसे ही घोडागाडी ओझल हुई कि वह छाता याद आ गया !पापा जी बोले, "सुशीला, तुम वासवी को लेकर घर जाओ, वह दूर नहीँ गया होगा मैँ अभी तुम्हारा छाता लेकर आता हूँ !"

अम्मा ने बात मान ली और कुछ समय बाद पापा जी छाता लिये आ पहुँचे !कई बरसोँ बाद अम्मा को यह रहस्य जानने को मिला कि पापा जी दादर के उसी छातेवाले की दुकान से हुबहु वैसा ही एक और नया छाता खरीद कर ले आये थे ताकि अम्मा को दुख ना हो !इतने सँवेदनाशील और दूसरोँ की भावनाओँ का आदर करनेवाले,उन्हेँ समझनेवाले भावुक कवि ह्र्दय के इन्सान थे मेरे पापा जी !


आज याद करूँ तब ये क्षण भी स्मृति मेँ कौँध - कौँध जाते हैँ .
.......................................................................................................................................................................................................................
(अ) हम बच्चे दोपहरी मेँ जब सारे बडे सो रहे थे,पडोस के माणिक दादा के घर से कच्चे पक्के आम तोड कर किलकारियां भर रहे थे कि,अचानक पापाजी वहाँ आ पहुँचे ----
गरज कर कहा,
"अरे ! यह आम पूछे बिना क्योँ तोडे ?
जाओ, जाकर माफी माँगो और फल लौटा दो"
एक तो चोरी करते पकडे गए और उपर से माफी माँगनी पडी !!!
- पर अपने और पराये का भेद आज तक भूल नही पाए
-- यही उनकी शिक्षा थी --

( ब ) मेरी उम्र होगी कोई ८ या ९ साल की
- पापाजी ने, कवि शिरोमणि कवि कालिदास की कृति "मेघदूत" से पढनेको कहा --
सँस्कृत कठिन थी परँतु, जहाँ कहीँ , मैँ लडखडाती,
वे मेरा उच्चारण शुध्ध कर देते --
आज, पूजा करते समय , हर श्लोक के साथ ये पल याद आते हैँ --

( क ) मेरी पुत्रा सिँदूर के जन्म के बाद जब भी रात को उठती,
पापा , मेरे पास सहारा देते , मिल जाते
-- मुझसे कहते, " बेटा, मैँ हूँ , यहाँ " ,..................
आज मेरी बिटिया की प्रसूती के बाद,
यही वात्सल्य उँडेलते समय,
पापाजी की निस्छल, प्रेम मय वाणी और
स्पर्श का अनुभव हो जाता है ..
जीवन अत्तेत के गर्भ से उदित होकर,
भविष्य को सँजोता आगे बढ रहा है -


कुछ और यादेँ हैँ जिन्हेँ आप के साथ साझा कर रही हूँ -

*काव्यमय वाणी*
मैँ जब छोटी बच्ची थी तब,अम्मा व पापा जी का कहना है कि,अक्सर काव्यमय वाणी मेँ ही अपने विचार प्रकट किया करती थी !

अम्मा कभी कभी कहती कि,

"सुना था कि मयुर पक्षी के अँडे, रँगोँ के मोहताज नहीँ होते !
उसी तरह मेरे बच्चे पिता की काव्य सम्पत्ति की विरासत मेँ साथ लेकर आये हैँ !"

यह एक माँ का गर्व था जो छिपा न रह पाया होगा. या,उनकी ममता का अधिकार उन्हेँ मुखर कर गया था शायद !

कौन जाने ?

परँतु आज जो मेरी अम्मा ने मुझे बतलाया था

उसे आप के साथ बाँट रही हूँ -

तो सुनिये,
एक बार मैँ, मेरी बचपन की सहेली लता,बडी दीदी वासवी, - हम तीनोँ खेल रहे थे.वसँत ऋतु का आगमन हो चुका था
और होली के उत्सव की तैयारी बँबई शहर के गली मोहोल्लोँ मेँ ,जोर शोरोँ से चल रही थीँ -खेल खेल मेँ लता ने ,मुझ पर एक गिलास पानी फेँक कर मुझे भीगो दीया !मैँ भागे भागे अम्मा पापाजी के पास दौड कर पहुँची और अपनी गीली फ्रोक को शरीर से दूर खेँचते हुए बोली,

"पापाजी, अम्मा ! देखिये ना !
मुझे लताने ऐसे गीला कर दिया है
जैसे मछली पानी मेँ होती है !"

इतना सुनते ही,अम्मा ने मुझे वैसे,गीले कपडोँ समेत खीँचकर. प्यार से गले लगा लिया !

बच्चोँ की तोतली भाषा, सदैव बडोँ का मन मोह लेती है.

माता,पिता को अपने शिशुओँ के प्रति ऐसी उत्कट ममता रहती है कि, उन्हेँ हर छोटी सी बात ,विद्वत्तापूर्ण और अचरजभरी लगती है मानोँ सिर्फ उन्ही के सँतान इस तरह बोलते हैँ - चलते हैँ, दौडते हैँ -

पापा भी प्रेमवश, मुस्कुरा कर पूछने लगे,

"अच्छा तो बेटा,
मछली ऐसे ही गीली रहती है पानी मेँ?
तुम्हेँ ये पता है ?"

"हाँ पापा, एक्वेरीयम (मछलीघर)मेँ देखा था ना हमने !"
मेरा जवाब था --
हम बच्चे,सब से बडी वासवी, मैँ मँझली लावण्या, छोटी बाँधवी व भाई परितोष अम्मा पापा की सुखी, गृहस्थी के छोटे, छोटे स्तँभ थे !
उनकी प्रेम से सीँची फुलवारी के हम महकते हुए फूल थे!

आज जब ये याद कर रही हूँ तब प्रिय वासवी और वे दोनोँ ,हमारे साथ स -शरीर नहीँ हैँ !

उनकी अनमोल स्मृतियोँ की महक
फिर भी जीवन बगिया को महकाये हुए है.

हमारे अपने शिशु बडे हो गये हैँ -
- पुत्री सौ. सिँदुर का पुत्र नोआ ३ साल का हो गया है !
फुलवारी मेँ आज भी,फूल महक रहे हैँ !

यह मेरा परम सौभाग्य है और मैँ,लावण्या,सौभाग्यशाली हूँ
कि मैँ पुण्यशाली , सँत प्रकृति कवि ह्रदय के लहू से सिँचित,
उनके जीवन उपवन का एक फूल हूँ --

उन्हीँके आचरणसे मिली शिक्षा व सौरभ सँस्कार,
मनोबलको, हर अनुकूल या विपरित जीवन पडाव पर
मजबूत किये हुए,जी रही हूँ !

उनसे ही ईश्वर तत्व क्या है उसकी झाँकी हुई है -
- और,मेरी कविता ने प्रणाम किया है --

"जिस क्षणसे देखा उजियारा,
टूट गे रे तिमिर जाल !
तार तार अभिलाषा तूटी,
विस्मृत घन तिमिर अँधकार !
निर्गुण बने सगुण वे उस क्षण ,
शब्दोँ के बने सुगँधित हार !
सुमन ~ हार, अर्पित चरणोँ पर,
समर्पित, जीवन का तार ~ तार !!


(गीत रचना ~ लावण्या )

प्रथम कविता ~ सँग्रह, "फिर गा उठा प्रवासी" बडे ताऊजीकी बेटी श्रीमती गायत्री, शिवशँकर शर्मा " राकेश" जी के सौजन्यसे, तैयार है --
--"प्रवासी के गीत" पापाजी की सुप्रसिद्ध पुस्तक और खास उनके गीत "आज के बिछुडे न जाने कब मिलेँगे ?" जैसी अमर कृति से हिँदी साहित्य जगत से सँबँध रखनेवाले हर मनीषी को यह बत्ताते अपार हर्ष है कि,यह मेरा विनम्र प्रयास, मेरे सुप्रतिष्ठित कविर्मनीष पिताके प्रति मेरी निष्ठा के श्रद्धा सुमन स्वर स्वरुप हैँ --शायद मेरे लहू मेँ दौडते उन्ही के आशिष ,फिर हिलोर लेकर, माँ सरस्वती की पावन गँगाको, पुन:प्लावित कर रहे होँ क्या पता ?

डा. राही मासूम रज़ा सा'ब ने यह भावभीनी कविता लिखी है -

जिसे सुनिये चूँकि आज,रज़ा सा'ब भी हमारे बीच अब स- शरीर नहीँ रहे ! :-(

"वह पान भरी मुस्कान"

वह पान भरी मुस्कान न जाने कहाँ गई ?

जो दफ्तर मेँ ,इक लाल गदेली कुर्सी पर,
धोती बाँधे,इक सभ्य सिल्क के कुर्ते पर,
मर्यादा की बँडी पहने,आराम से बैठा करती थी,
वह पान भरी मुस्कान तो उठकर चली गई !
पर दफ्तर मेँ,वो लाल गदेली कुर्सी अब तक रक्खी है,

जिस पर हर दिन,अब कोई न कोई, आकर बैठ जाता है


खुद मैँ भी अक्सर बैठा हूँ

कुछ मुझ से बडे भी बैठे हैँ,
मुझसे छोटे भी बैठे हैँ,
पर मुझको ऐसा लगता है
वह कुरसी लगभग एक बरस से खाली है !


**************************************************************

अमीन सयानी द्वारा लिया गया पंडित जी का एक लंबा इंटरव्यू हमारे पास उपलब्ध है. आज उनकी पुण्य तिथि पर आईये हम सब भी लावण्या जी के साथ उन्हें याद करें इस इंटरव्यू को सुन -

भाग १.


भाग २.


भाग ३.


चित्र में - पँडित नरेन्द्र शर्मा, श्रीमती सुशीला शर्मा तथा २ बहनेँ वासवी (गोद मेँ है शौनक छोटा सा और पुत्र मौलिक) बाँधवी (बच्चे- कुँजम, दीपम ) लावण्या (बच्चे -सिँदुर व सोपान) और भाई परितोष घर के बारामदे में.

प्रस्तुति - लावण्या शाह




Sunday, January 18, 2009

तीर पर कैसे रूकूँ मैं, आज लहरों का निमंत्रण....

सुनिए अमिताभ बच्चन की आवाज़ में हरिवंश राय बच्चन का काव्य पाठ

आज हिन्दी साहित्य के माधुर्य रस से लबालब काव्य लिखने वाले हालावादी कवि हरिवंश राय बच्चन छठवीं पुण्यतिथि है।उनका नाम याद आते ही याद आता है २५ वर्ष का एक युवक - लम्बे घुँघराले बाल, इकहरा शरीर, दरमियाना कद,गेहुँआ रंग, दार्शनिक मुद्रा और शरारत भरी आँखें। दिन में कचहरी और रात में होटल या ट्रेन में। २ नोट बुक सदा हाथ में रहती। एक अखबारी नोट तथा दूसरी निजी जो उसकी सच्ची साथी थी,जिसमें वो अपनी प्यारी कल्पनाएँ छन्दोबद्ध रूप में लिखता था।गला सुरीला था। अक्सर गुनगुनाता था-

"अरूण कमल कोमल कलियों का, प्याली, फूलों का प्याला..."

अपने गीतों की धुन स्वयं बनाता और मस्ती से गाता था। एक ऐसा कवि जिसने मात्र १३ वर्ष की आयु में अपनी पहली कविता लिखी। आरम्भ में छोटी-छोटी सभाओं में लोकप्रिय हुआ और कुछ ही दिनों में समस्त हिन्दी प्रेमियों में गायक कवि के रूप में प्रचलित हो गया। १९३३ में बनारस में एक बड़ा कविसम्मेलन हुआ। दिग्गज कवियों के बीच मधुशाला के २ पद सुनाकर दिग्विजय पा ली। बैठबा चाहते थे पर तालियों की गड़गड़ाहट ने तीसरा, फिर चौथा पद सुनाया। विद्यार्थी सिर्फ़ बच्चन जी को सुनना चाहते थे। उनको आश्वासन दिया गया कि कल फिर से बच्चन जी का कविता पाठ होगा तब जाकर विद्यार्थी बैठे।

दूसरे दिन वाइसचान्सलर से लेकर सभी अध्यापक और विद्यार्थी उन्हें सुनने पहुँच गए। विद्यार्थी कापी लेकर आए थे। बच्चन जी ने अपनी मधुर तर्ज में मधुशाला गानी आरम्भ की। श्रोता झूम रहे थे और सैंकड़ों कंठ उनके साथ गुनगुना रहे थे। ३ दिनों में बच्चन जी की ख्याति पूरे हिन्दी जगत में फैल गई। मधुशाला का प्रथम संस्करण छपवाने के लिए धन नहीं था। एक प्रकाशक के पास पाँडुलिपि छोड़ आए। कुछ दिन बाद वह प्रकाशक मधुशाला की २० प्रतियाँ लेकर उनके पास आया। उसने बताया कि उसने १००० प्रतियाँ छपवाई थी जिनमें से केवल २० ही बची हैं। सब हाथों हाथ बिक गई।

आर्थिक संकट तो था ही साथ में पारिवारिक संकट भी कम नहीं थे। सबसे बड़ा आघात पत्नी श्यामा की मृत्यु से लगा। कवि का हृदय टूट गया। टूटे हृदय से १९३७ में निशा निमंत्रण लिखा । १९४० में आकुल अंतर और विकल विश्व की रचना की। १९४२ में तेजी जी से विवाह हुआ। यह विवाह बहुत शुभ था। इलाहबाद विश्व विद्यालय में अंग्रेजी साहित्य में लैक्चरार बने। समय बदल गया। प्रणय पत्रिका में उन्होने लिखा-लेकिन मैं तो बेरोक सफ़र में जीवन के एक और पहलू से होकर निकल चला ।

बच्चन जी साहित्य में हालावाद को लेकर आए।उनकी कविता विद्रोह और जीवन का संदेश देती थी। उसमें असाधारण माधुर्य का समावेश था। उन्होने नव जीवन और आस- विश्वास का संदेश दिया- जो बीत गई सो बात गई......

१९५२ में बच्चन जी अंग्रेजी में डाक्टरेट करने के लिए कैम्बरिज गए। १९५४ में आए और १९५५ में आकाशवाणी में हिन्दी प्रोड्यूसर बने। बाद में विदेश मंत्रालय से निमंत्रण मिल गया। उनकी लोकप्रियता का आधार उनका मधुर कंठ था। उनकी रचनाएँ उनके मुख से सुनना एक सौभाग्य था।

जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव आए किन्तु सामाजिक जीवन में ऐसे रहे जैसे पानी में कमल। धीर-गम्भीर अपने परिवार में खुश रहते। दिल्ली में रहकर भी दिल्ली वालों की तरह क्लब आदि में बहुत कम जाते थे। अधिकतर समय घर पर ही बिताते थे। बीसियों निमंत्रणों के बाद भी बहुत कम बाहर जाते थे। दिनचर्या एकदम नियमित रहती। व्यायाम, स्वाध्याय नियम से करते। सादा जीवन और शाकाहारी भोजन किया करते । बागवानी का शौंक रखते थे, पत्थरों से घर सजाना उन्हें बहुत पसन्द था। जब भी सैर को जाते दो चार पत्थर उठा लाते। घर में एक मन्दिर भी बनाया हुआ था। अध्ययन में ज़रा भी हस्तक्षेप सहन नहीं करते। बैठकर लिखा करते। उनका कहना था- लेटकर लिखी कविता भी लेखक के समान ही शिथिल हो जाती है। वे चुस्ती में विश्वास रखते थे। उनके दो पुत्र हुए- अमित और अजित। अमित एक महान अभिनेता के रूप में लोकप्रिय हैं। आज भारत का बच्चा -बच्चा अमित जी को जानता है।

अपना परिचय उन्होने स्वयं आत्म परिचय में दिया-

मैं दीवानों का वेश लिए फिरता हूँ।
मैं मादकता निःशेष लिए फिरता हूँ।
जिसको सुनकर जग झूम,झुके लहराए,
मैं मस्ती का संदेश लिए फिरता हूँ।

जीवन के संबन्ध में उनके विचार बहुत ही दार्शनिक थे। वे गाते थे-

प्याला है पर पी जाएँगें,
है ज्ञात नहीं इतना हमको,
इस पार नीयति ने भेजा है
असमर्थ बना कितना हमको।


किन्तु जीवन संघर्षों से जूझना उन्हें प्रिय था-

तीर पर कैसे रूकूँ मैं,
आज लहरों का निमंत्रण....


सुनिए सुपुत्र अमिताभ बच्चन की दमदार आवाज़ में हरिवंश राय बच्चन जी की ये रचनाएँ -

पहला हिस्सा


दूसरा हिस्सा


प्रस्तुति- शोभा महेन्द्रू

Total Pageviews

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts

खरा सोना गीत

खरा सोना गीत - ऑडियो पॉडकास्ट
आपको प्यार छुपाने की बुरी आदत है
सी ए टी कैट...कैट माने बिल्ली
डम डम डिगा डिगा
रुला के गया सपना मेरा
शोख नज़र की बिजिलियाँ
टिम टिम टिम तारों के दीप जले
मेरी दुनिया है माँ तेरे आँचल में
वो हमसे चुप हैं
माई री मैं कासे कहूँ
यार बादशाह
आज की ताज़ा खबर
आँखों से जो

मिलिए रेडियो प्लेबैक के इन दमदार आर्टिस्टों से

संग्रहालय

Labels

sujooi chatterjee (863) old is gold (848) old classics (751) lata mangeshkar (303) suno kahani (268) krishnamohan mishra (258) sajeev sarathie (239) sujoy chatterjee (216) amit tiwari (214) Anurag Sharma (209) vishwa deepak tanha (148) taaza sur taal (139) सुनो कहानी (134) mohammad rafi (132) sujoy chaterji (118) mehfil-e-ghazal (116) Aaj ka Gaana (115) बोलती कहानियाँ (115) krishn mohan mishra (109) kahani (105) Bolti Kahaniyan (102) mukesh (100) Famous stories (98) Hindi audio book (95) hindi kahaniyan (94) story narration (94) stories (93) story in voice (92) kahaniyon mein aawaaz (90) kishore kumar (89) manna dey (86) .lata mangeshkar (84) Hindi (84) majrooh sultanpuri (83) Shailendra (80) Sangya Tandon (77) gulzaar (77) anand bakshi (76) s d burman (76) old classic (75) taaza sangeet (74) r d burman (73) Shankar Jaikishan (66) अनुराग शर्मा (64) krishna mohan mishra (63) Interview (62) sahir ludhayanvi (62) Audiology (60) cine paheli (60) asha bhonsle (58) Podcast (55) audio book (55) laxmikant pyarelal (55) asha bhonsale (54) premchand (53) Hind Yugm (52) geeta dutt (51) vishwa deepak (51) Audio (50) sujoi chatterjee (50) sur sangam (50) Madan Mohan (49) Naushad (48) ek mulakaat zaroori hai (47) ghazal collections... (47) music review (47) jagjit singh (46) krishnmohan mishra (46) Rashmi Prabha (45) ek geet sau kahaniyan (45) indian classical music (44) download (43) old is gold revival (43) hemant kumar (42) swar goshthi (42) shakeel badayuni (40) 100 years of indian cinema (39) gulzar (39) a r rahman (38) cover version (38) saturday special (38) Archana Chaoji (37) Salil Chaudhari (36) khara sona geet (36) playback india broadcast (36) Talat Mahmood (35) Kavita (34) hasrat jaipuri (34) mirza ghalib (34) o p nayyar (34) pooja anil (34) hindiyugm (33) rag bhairavi (33) Poem (32) Composed Song (31) kalyanji anand ji (30) win 5000 cash (30) c ramchandra (29) k l sehgal (29) sundaymorning coffee (29) लघुकथा (29) Awaz (28) Geet Ateet (28) pandit bhimsen joshi (28) emailkebahaneyaadonkekhazane (26) roshan (26) anuraag sharma (25) shradhanjali (25) Abhishek Ojha (24) death Anniversary (24) kaifi aazmii (24) khayyam (24) Harishankar Parsai (23) Reetesh Khare (23) kavyapaath (23) mohd rafi (23) naushaad (23) raj kapoor (23) sonu nigam (22) आवाज़ (22) Music (21) audio story (21) mehfil e kahkshaan (21) season # 03 (21) Podcast Kavi Sammelan (20) Shaifali Gupta (20) asha bhosale (20) jaidev (20) raja mehandi ali khan (20) vasant desai (20) Kuhoo Gupta (19) ghazal (19) pritam (19) rafique sheikh (19) ravi composer (19) rishi s (19) shreya ghoshal (19) ustad amir khan (19) anil biswaas (18) devotional songs (18) har geet ki ek kahani hoti hai (18) indeevar (18) javed akhtar (18) lata sangeet parv (18) musical tribute (18) nida fazli (18) rajendra krishan (18) rare gems (18) songs reviews (18) sujoy chatterji (18) swargoshthi (18) amitabh bhattacharya (17) blogger's choice with rashmi prabha (17) irshad kamil (17) sameer goswami (17) short story (17) sumit chakravorthy (17) suresh wadkar (17) FEATURED ARTIST OF THE WEEK (16) Filmy Chakra (16) Hindi audio (16) Shanno Aggarwal (16) bharat vyas (16) biswajit nanda (16) girija devi (16) maine dekhi pahli film (16) pankaj subeer (16) playback vani (16) sanjay patel (16) shankar ehsaan loy (16) surraiya (16) thumari (16) amit trivedi (15) classical music (15) kavi pradeep (15) rajesh roshan (15) sangya tondon (15) ustad bismillah khan (15) Khushbu (14) Munshi Premchand (14) Sangeet Sameeksha (14) Shobha Mahendru (14) hariharan (14) mehender kapoor (14) nusrat fateh ali khan (14) qamar jalalabaadi (14) ravindra jain (14) sangya tandan (14) suman kalyanpur (14) ustad rashid khan (14) NEW RELEASE (13) dev anand (13) featured album of the month (13) indian folk music (13) music review 2011 (13) music review 2013 (13) original uploads (13) rajender krishan (13) shamshaad begum (13) Geetcast (12) Rahat Fateh Ali Khan (12) awaaz mahotsav (12) bhupendra (12) mohit chauhan (12) new songs (12) noorjahan (12) prakash pandit (12) shamshad begum (12) sufi music (12) thaath (12) vishv deepak tanha (12) Deepali Pant Tiwari (11) RAG BASED SONGS OF MADAN MOHAN (11) RAG BASED SONGS OF NAUSHAD (11) RAG BASED SONGS OF ROSHAN (11) Rabindra Nath Tagore (11) Radio Salaam namaste (11) Sajeev Sarthie (11) Sharad Tailang (11) Swapn Manjusha (11) broadcasting (11) chitragupt (11) dilip kavathekar (11) featured artist of the month (11) hridaynath mangeshkar (11) judgement first round (11) k.l. sahgal (11) lata birthday (11) lavanya shah (11) mukesh special (11) rag kedar (11) remembering ghalib (11) roop kumar rathod (11) shishir parkhie (11) sukhvinder singh (11) sunidhi chauhaan (11) Articles (10) FIMON KE ANGAN MEN THUMAKATI PARAMPARIK THUMARI (10) Jaishankar Prasad (10) Shivani Singh (10) aaj ka kalaakaar (10) amitabh bachan (10) asad bhopali (10) baal Kavita (10) bachchon ki kavitayen (10) bhupen hazarika (10) geeta datt (10) indian classical (10) jaan nisaar akhtar (10) last series (10) male lories (10) music directors worked for raj kapoor (10) neelam Mishra (10) new song every friday (10) o p naiyyar (10) prashn pratiyogita (10) rare song (10) ravindra jain special (10) satire (10) season 2 (10) shabdon ki chaak par (10) shailesh bharatwasi (10) tapan sharma chintak (10) yogesh (10) साहित्य (10) Aditya Prakash (9) Baal Udyan (9) Girijesh Rao (9) HINDI SONGS (9) Himesh Reshmiya (9) Kishor Kumar (9) Mridul Kirti (9) Pawas ke rag (9) SHAAN (9) abida parveen (9) amit kumar (9) bahadur shah zafer (9) ek pal kii umr lekar (9) friday release (9) kailash kher (9) kamal barot (9) khemchandra prakash (9) kishore kumar series (9) lakshmikant pyarelal (9) lata di (9) mahendra kapoor (9) music news (9) music news week (9) new hindi song (9) new upload (9) nikhil anand giri (9) pandit jasraj (9) parasmani acharya (9) purvaayi (9) rag bhimpalasi (9) rag kafi (9) rag malkauns (9) rare songs of lata (9) s h bihari (9) shabdon ke chaak par (9) shankar mahadevan (9) songs 2013 (9) songs 2014 (9) story (9) sudha malhotra (9) varsha geet (9) win 5000 (9) उषा छाबड़ा (9) 2nd season (8) Anita Kumar (8) Gungunate Lamahe (8) Manna De (8) RAGAS AND TIME (8) Ranjana Bhatia (8) Top 50 songs of year 2008 (8) ahteraam (8) amrita pritam (8) anil vishwas (8) bappi lahiri (8) begum akhtar (8) bimal roy (8) hind yugm awaaz (8) kajari songs (8) kk (8) manuj mehta (8) mazrooh sultanpuri (8) mehdi hasan (8) new composer singer (8) new song review (8) nutan (8) pandit ajay chakravorthy (8) pandit narender sharma (8) pandit ravi shankar (8) pandit ravishankar (8) prem dhawan (8) rag bageshri (8) rag khamaj (8) s n tripathi (8) sameer (8) swanand kirkire (8) traditional thumaries (8) vani jayaram (8) vidushi girija devi (8) अर्चना चावजी (8) Geeton Bhari Kahani (7) Har Geet Kii Ek Kahaani Hoti Hai (7) KAHKASHAN (7) Kajal Kumar (7) Poetry recital (7) RAGAS WITH TWO MADHYAMS (7) Ranjana Bhatia Ranju (7) Srinivas Panda (7) The radio playback originals (7) Urdu (7) Usha Chhabra (7) ahmed faraz (7) alka yagnik (7) amit khanna (7) anjaan (7) annual countdown 2008 (7) anu malik (7) anuradha paudwal (7) asha bhosle (7) ashok kumar (7) azeem shayaron ko salaam (7) basant desai (7) baton baton men (7) boigraphy (7) chitalkar (7) chitra singh (7) d n madhok (7) dilip kumar (7) entertainment news (7) filmon men thumri (7) gold series (7) hindi music (7) husnlaal bhagtram (7) indian instrumental music (7) k j yesudas (7) khemchand prakash (7) madan mohan special (7) mahatma gandhi (7) malini rajurkar (7) manoj kumar (7) mitti ke geet (7) naksh lyalpuri (7) new track (7) pandit kumar gandharva (7) prasoon joshi (7) radio interview (7) rag jogiya (7) rag lalit (7) rag megh malhar (7) rag pahadi (7) raj kapoor vishesh (7) rupesh rishi (7) sumit chakravarthy (7) tribute (7) tripti shakya (7) tujhase naraz nahin zindagi (7) ustad bade gulam ali khan (7) ustad shayaron ko salaam (7) varshik geetmaala (7) vishaal bhardwaj (7) vishaal shekhar (7) vishva deepak tanha (7) wikipedia (7) पूजा अनिल (7) Asghar Wajahat (6) Dr. Prabha Atre (6) Har Geet Kii Ek Kahani Hoti Hai (6) Kabir (6) Mahadevi Verma (6) Meenakshi (6) Meenu (6) Music Article (6) PAWAS RITU KE RAG (6) R.D. Burman (6) SHREYA GHOSAL (6) SINGER (6) SUNITA YADAV (6) Sakshatkar (6) ali sardar zafari (6) anil biswas (6) ashwini bhide deshpande (6) birthday special (6) chaiti (6) choice of sharad tailang (6) dhrupad (6) festival special (6) film chacha zindabad (6) film godan (6) geet sameeksha (6) ghulam ali (6) gurudutt (6) holi special (6) jaydev (6) johrabai ambalewali (6) kaumudi majumdaar (6) kishori amonkar (6) krishan raj kumar (6) kumar aditya (6) manto (6) meer taki meer (6) mohammad ibrahim zauk (6) muveen (6) muzaffer ali (6) n dutta (6) neeraj (6) nirala (6) pandit omkarnath thakur (6) pankaj malik (6) pankaj udhaas (6) parag sankla (6) r c boral (6) rag bahar (6) rag bhupali (6) rag gaud malhar (6) rag pilu (6) rag yaman kalyan (6) s.n. tripathi (6) sachindev barman (6) sangam (6) sangeet sameksha (6) shahnai (6) shubha mudgal (6) sitar recital (6) sunil dutt (6) tarana (6) ujjwal kumar (6) vidushi malini rajurkar (6) waah ustad waah (6) yesudas (6) Aparajita Kalyani (5) Bhisham Sahni (5) Chhayawaadi Kavita (5) Faiz Ahmad Faiz (5) Gaurav Solanki (5) Happy new year (5) Hindi Famous stories (5) Krishna Raj Kumar (5) Pakistani Singer (5) Pittsburgh (5) Pt. Sudarshan (5) Usha Mangeshkar (5) Voice (5) amirbai karnataki (5) arijit singh (5) artist of hind yugm (5) b r chopra (5) bhajan (5) bhimsen joshi (5) birth anniversary (5) chhaya ganguli (5) classical singer (5) dadara (5) darna jhukna (5) dr. n. rajam (5) film baiju bawara (5) film jhanak jhanak payal baaje (5) film ladaki (5) film ramrajya (5) film tansen (5) g m durrani (5) harivansh ray bachan (5) hemant badaya (5) hindi kavitayen (5) hit pared 2013 (5) hrishikesh mujherjee (5) indivar (5) instrumental music (5) kajri (5) kuldeep singh (5) kumar sanu (5) linta manoj (5) lyricist shailendra (5) mahesh bhatt (5) majaz lakhnavi (5) meena kapoor (5) meenu singh (5) mere ye geet yaad rakhna (5) mubarak begum (5) music director roshan (5) nirmala devi (5) online release of book (5) pandit chhannulal mishra (5) parul ghosh (5) playback vaani (5) rabindra sangeet (5) racheta tandon (5) radio playback india (5) rag basant bahar (5) rag bhatiyar (5) rag kamod (5) rag sohani (5) rag todi (5) rajesh khanna (5) rashmi nair (5) reader's choice (5) sajjad hussain (5) salim sulemaan (5) sameeksha (5) shakil badayunni (5) shakti samanta (5) shankar jayakishan (5) shweta pandey (5) singer manna dey (5) slumdog millionaire (5) snehil bhatkar (5) sooraj chand aur sitare (5) subhojit (5) talat azeez (5) talat mehmood (5) usha khanna (5) ustaad vilayat khan (5) ustad abdul kareem khan (5) ustad amjad ali khan (5) ustad shahid parvez (5) vandana gupta (5) video download (5) vishal bhardwaj (5) waah ustaad waah series (5) yeshudas (5) अभिषेक ओझा (5) 500th episode of old is gold (4) Alok Shankar (4) FAGUN KE RANG (4) FILMY GEETON MEN THUMARI KE TATWA (4) Gopal Das Neeraj (4) Harihar Jha (4) Ismat Chugtai (4) KAHAKASHAN (4) Krishan Chander (4) Madhavi Ganapule (4) Maithilisharan Gupt (4) Monica Gupta (4) Priti Sagar (4) S D Barman (4) SANGEET KE SHIKHAR PAR (4) Sangeet Sameekshak (4) Sudha Arora (4) Vimochan (4) adnan sami (4) aisa nahi ki aaj mujhe (4) akhiri baar bas (4) amir khusro (4) amrita imroz (4) anuj srivastav (4) anvita das guptan (4) aradhna (4) atal bihari vajpeyee (4) awara dil (4) azam khan (4) baiju bawara (4) begam parvin sultana (4) best songs of 2009 (4) bhupendra singh (4) caravan cine-sangeet ka (4) chale jaana (4) deep jagdeep (4) dil padosi hai (4) dipti saxena (4) faiz ahmed faiz (4) famous interview (4) film bideshiya (4) film hamdard (4) film malhar (4) film meera (4) film mera saya (4) film sur sangam (4) ghulam mohammad (4) golden globe (4) gulshan bawara (4) gundecha bandhu (4) hafiz hoshiyaarpuri (4) hansraj behal (4) hasarat jaypuri (4) hemlata (4) hind yugm specials (4) hindi film sangeet (4) illayaraja (4) imroz (4) independence day (4) iqbal bano (4) jeet ke geet (4) kahkashaan (4) kalyan jee-anand jee (4) kamaal amrohi (4) kamal sadana (4) kaminey (4) kavita podcast (4) khushmizaz mitti (4) kidaar sharma (4) kshiti tiwari (4) laxmi pyare (4) laxmikant pyarelaal (4) lyricist (4) madhubala (4) main aur mera saaya (4) main nadi (4) mallika pukhraaz (4) manish vandemataram (4) mayuri veena (4) meena kumari (4) meera bhajan (4) mika (4) momin khan momin (4) mughle azam (4) mukul roy (4) music 2013 (4) music review -year 2009 (4) music video (4) nargis (4) neeraj shridhar (4) new song download (4) new tracks (4) new years special (4) nitin mukesh (4) o muniya (4) o sahibaa (4) p l santoshi (4) palash sen (4) pandit narendra sharma (4) pandit shiv kumar sharma (4) pankaj mukesh (4) paravin sultana (4) piyush mishra (4) pradeep somsundaran (4) pt. ravishankar (4) qateel shifai (4) rachita tandon (4) radhika budhkar (4) radio playback top 25 (4) rag adana (4) rag asavari (4) rag bhairav (4) rag bilawal (4) rag hansdhwani (4) rag miyan ki malhaar (4) rag tilak kamod (4) rag yaman (4) rahuldev barman (4) raja harishchandra (4) rajendra krishna (4) rakesh bakshi (4) ram sampat (4) ramdhari singh dinkar (4) rasoolan baai (4) ravivaar subah ki coffee aur kuch durlabh geet (4) rekha bhardwaaj (4) sach bolta hai (4) sadhna sargam (4) salim (4) sangeet dilon ka utsav hai (4) sanskaar geet (4) sarangi (4) saraswati devi (4) sartaj geet (4) shabbir kumar (4) shamsha begum (4) sharada (4) shiv hari (4) short film series (4) sitar (4) subhash ghai (4) subodh sathe (4) sunidhi chauhan (4) suraj jagan (4) surya kant tripathi (4) terrorism (4) third judge (4) thumri (4) top 25 radio playback india (4) tribute to the legand poets (4) udit narayan (4) uma devi (4) ustaad amjad ali khan (4) ustaad bade gulaam ali khaan (4) ustad faiyaaz khan (4) ustad vilayat khan (4) ustad zakir hussain (4) uttar pradesh (4) v. shantaram (4) vijay akela (4) vishal dadlani (4) vivek srivastava (4) vividh bharti (4) weekly news update (4) yearly review (4) yunus khan (4) प्रेमचंद (4) 1st judge (3) 2017 (3) AIR FM Gold (3) Bachpan (3) Cartoonist (3) Dharmendra Kumar Singh (3) Divya Prakash (3) Ek Gadhe Ki Vapasi (3) HOLI & CHAITI SONGS (3) Hindi recording (3) Kavyanaad (3) LP (3) Lyrics writer (3) Madhavi Ganpule (3) Madhukar Rajasthani (3) Media (3) Nazim Naqvi (3) Nikhil (3) O Henry (3) Pakistani Shayra (3) Pradeep Manoria (3) Pradeep Sharma (3) Pratham Rashmi (3) Rajkumar singh (3) Raksha Bandhan (3) Renu Sinha (3) Shyam Sakha (3) Sudha Om Dhingra (3) Sumitra Nandan Pant (3) Thumari - Bhairavi (3) Upendranath Ashq (3) Vande Mataram (3) Vimal Chandra Pandey (3) Vishnu Prabhakar (3) Vivek Asthana (3) aapki baat (3) aarti anklikar (3) abhishek bhola (3) ahmed hussain (3) allama iqbal (3) aman kii asha (3) ameen sayani (3) ameerbai karnataki (3) amir meenai (3) amitabh verma (3) amol palekar (3) antara chakravarthy (3) anushka manchandani (3) appeal (3) archana (3) artist profile (3) asha (3) awaara (3) awaaz collection (3) babul mora naihar chooto jaaye (3) bade gulam ali khan (3) badhe chalo (3) balamurli balu (3) balika vadhu (3) basant dev (3) been (3) begum abida parveen (3) beintehaa pyaar (3) bhent mulaqat (3) bhojpuri (3) bollywood music composer (3) brand new ghazal (3) bulo c rani (3) chaya ganguli (3) chinmayi (3) composers (3) d. harina madhavi (3) deepawali (3) delhi (3) devika raani (3) diler mehandi (3) dilraj kaur (3) dosti (3) dr. lalmani mishra (3) east india company (3) ek mulkaat zaroori hai (3) featured artists of the month (3) film basant bahar (3) film bhakt surdas (3) film goonj uthi shahnai (3) film guddi (3) film kohinoor (3) film sangeet samrat tansen (3) flute (3) flutist (3) gam diye mustakil kitna nazuk hai dil (3) gauhar jaan (3) geet sameksha (3) ghalib ke khat (3) ghulam haider (3) golden era of urdu poetry (3) goonj uthi shahnayi (3) gopal singh nepali (3) guddo dadi (3) happy diwali (3) harshdeep kaur (3) hasan kamaal (3) hasrat mohani (3) hemant (3) hemanti shukla (3) hindi poem (3) hindustani classical (3) hindyugm (3) hiradevi mishra (3) hit pared (3) holi songs (3) husn (3) hussain brothers (3) ibne insha (3) ibrahim ashq (3) indian folk music series (3) indu puri goswami (3) interview with sujoy chatterjee (3) jai ho (3) jaideep sahani (3) jalaluddin rumi (3) jatin lalit (3) javed ali (3) kabban mirza (3) kalpana (3) kanan devi (3) kathapath (3) kausar munir (3) kavita krihsnamurthy (3) kavvalli (3) kedar sharma (3) khayal (3) khursheed anwar (3) khurshid begam (3) kolkatta (3) krishna pandit (3) kumar (3) kundanlal sahagal (3) lalit pandit (3) listen stories (3) lyricists (3) lyrics (3) madanmohan (3) madhushree (3) mala sinha (3) mani ratnam (3) manish kumar (3) master salim (3) meenu purushotham (3) mehboob khan (3) mera naam jokar (3) mere sarkaar (3) mirza daag dehalvi (3) mithun (3) mohammad hussain (3) mohd irfan (3) muhammad rafi (3) mujra songs in bollywood films (3) mumbai (3) music competition (3) music director ramlal (3) musician (3) nakshab jarachabi (3) new album (3) new season (3) o.p.naiyar (3) oscar (3) pahala sur (3) pancham (3) pandit d v paluskar (3) pandit hari prasad chaurasia (3) pandit rajan mishra (3) pandit rajan sajan mishra (3) pandit ramnarayan (3) pandit ravi kichalu (3) pandit vidyadhar mishra (3) parasmani acahrya (3) patriotic (3) pehla sur (3) podcast on ahmed faraz (3) podcast pustak sameeksha (3) poetry book release (3) preeti sagar (3) pt. hariprasad chaurasiya (3) pustak charcha (3) raag kaafi (3) raaj kapoor (3) rag aabhogi (3) rag basant (3) rag darbari (3) rag gaud sarang (3) rag jayant malhar (3) rag jhinjhoti (3) rag mishra khamaj (3) rag ramdasi malhar (3) rag shyam kalyan (3) ragas & time (3) rahaten saari (3) rahman (3) rajender krishn (3) rajendra kumar (3) ramkali (3) rare images of kishore and other singers (3) ravii (3) recitation (3) remembering meer (3) republic day special (3) reshma (3) runa laila (3) sahir ludhiyanavi (3) sajeevsarathie (3) sajid wajid (3) sajjad ali (3) salil chaudhary (3) salman khan (3) sangeet hind yugm (3) sanjog (3) santosh anand (3) saptaah kii sangeet surkhiyan (3) sarod recital (3) shammi kapoor (3) shamshad begam (3) shanakar jaikishan (3) sheela dixit (3) shevan rizvi (3) short film (3) shuddh sarang (3) singer composer (3) singing competition (3) sitamber ke sikander (3) sohail sen (3) songs of october (3) songs that became part of indian freedom struggle (3) soulful melodies (3) special series (3) special songs (3) sreeram emaani (3) sudeep yashraj (3) sufism in india (3) sulakshan pandit (3) suleiman (3) surinder kaur (3) taaza khabar (3) tansen (3) tanveer naqvii (3) telephonic interview (3) tere chehre pe (3) the originals (3) thumri in films (3) total scores (3) tumsa nahi dekha (3) tushar bhatia (3) unreleased song (3) ustad ali akbar khan (3) ustad asad ali khan (3) ustad bade ghulam ali khan (3) ustad faiyaz khan (3) ustad rais khan (3) v shantaram (3) vaada (3) vaani jayraam (3) vaijaiyantimala (3) vani jayram (3) varanasi (3) vasant dev (3) vijaya rajkotiya (3) violin (3) vishal (3) wahida rahman (3) woh kaun thi (3) yash chopra (3) माधवी चारुदत्ता (3) 2 states (2) 50 years of bhojpuri cinema (2) Aamir khan (2) Abbas Raza Alvi (2) Abhijit Ghoshal (2) Agyeya (2) Ajay Navaria (2) Ajay Yadav (2) Alam Ara (2) Amitabh Meet (2) Anupama Chauhan (2) Arjun Rampal (2) Arun Ye Madhumay Desh Hamara (2) Ati Kya Khandala (2) Australia (2) B. Raghav (2) Band Darwaza (2) Bhairavi Thumari (2) Bharatendu Harishchandra (2) Bollywood music review (2) CHAITI GEET (2) CHITRAKATHA (2) Chaand Shukla Hadiabadi (2) DELHI BELLY (2) DU-FM (2) Dashte Tanhai mein (2) De de khuda ke naam pe (2) Deepak Baba (2) Deepak Mashal (2) Deepali Aab (2) Dipak Mashal (2) Film mugal-e-azam (2) Geetkast (2) Girijesh Kumar (2) Gori Tore Naina Kaajar Bin Kaare (2) Guide (2) Hindi kids poetry (2) Holi aayi re (2) Internet kavi goshthi (2) Jagdish Rawtani (2) Kabuliwala (2) Kahanipath (2) Kala (2) Kamal Kishor Singh (2) Kamalpreet Singh (2) Kavita Verma (2) Kavyagoshthi (2) LP sucess story with top directors (2) Lokarpan (2) Lokpreey Geet (2) MANASI PIMPLEY (2) Madhavi Charudatta (2) Manohar Lele (2) Mantra (2) Mithila (2) Munshi (2) Naseeb Apna Apna (2) Nautanki Saala (2) Neelam Prabha (2) Parul (2) Parul Pukhraj (2) Pittsburg (2) Poetry (2) Premchand Sahajwala (2) Puraskaar (2) Purushottam Pandey (2) RISHI S BALAJI (2) Rag - Pilu (2) Rag Khamaaj (2) Rag Marubihag (2) Raja (2) Rajeev Ranjan Prasad (2) Rajkumar Rao (2) Rakhi (2) Ramchandra Bhave (2) Rashmi Ravija (2) Rasoolan Bai (2) Salil Varma (2) Sangeetkaar (2) Saraswati Prasad (2) Satish Vammi (2) Sawal-jawab (2) Seema Sachdev (2) Seema Singhal (2) Sharad Joshi (2) Sharda Arora (2) Shikha Varshney (2) Shishir Krishna Sharma (2) Srikant Mishra 'Kant' (2) Sujoy Chaiterji (2) Suman Patil (2) Sumedha (2) Sydney (2) Tulsidas (2) Tushar Joshi (2) Ustad Raashid Khan (2) VOI (2) Vikash Kumar (2) Vishnu Bairagi (2) Web Radio (2) aag (2) aalam aara (2) aalha (2) aap kyon roye (2) abhi to main jaavan hoon (2) abis rizavi (2) about india (2) about manna dey (2) abraar alwi (2) acharya sajiv salil verma (2) achchhan bai (2) acting (2) actor (2) adharshila films (2) aggay (2) ak deepesh (2) akshay kumar (2) alama iqbaal (2) album hawa hawa (2) ali zafar (2) alia bhatt (2) all india radio (2) altaf raja (2) ameer khusro (2) amir khusaro (2) anand (2) anand milind (2) andheri raat ka sooraj (2) anmol ghadi (2) anpadh (2) antara chakravarthi (2) anup jalota (2) anupama (2) anuraag kashyap (2) anuradha (2) anuroop (2) anushka sharma (2) anvita dutt (2) anvita dutt guptan (2) arafat mehmood (2) arijeet singh (2) arpita (2) arshna singh (2) arun kumar (2) arvind tiwari (2) arzoo laknawi (2) asaam folk music (2) asha birthday (2) ashok pandey (2) augest ke ashvarohi geet (2) baal udhaan (2) baarish (2) baba bulle shah (2) baba nagarjun (2) babul (2) bachchan singh (2) bade ramdas (2) bageshri (2) balraj sahani (2) bandini (2) bappa lahiri (2) bappi lahri (2) baramasa (2) basant prakash (2) basu bhattacharya (2) beat of indian youth (2) bees saal baad (2) begam akhtar (2) begum parveen sultana (2) beintehaa (2) benny dayal (2) bharat ratn (2) bharateey gyanpeeth (2) bhatiyar (2) bhikhari thakur (2) bhopal (2) bhupendra-mitali (2) biddu (2) bikram ghosh (2) billu barber (2) blue (2) bollywood dairies (2) bombay ka babu (2) bombay talkies (2) bulle shah (2) c a t cat (2) c. ramchandra (2) chaha tha ek shaksh ko jaane kahan chala gaya.. (2) chaitanya bhatt (2) chaiti songs (2) chal ri sajani (2) chaliya (2) chandan sa badan chanchal chitwan (2) chandidas (2) chandrakauns (2) chhalla (2) chhath geet (2) chitchor (2) cochin (2) complete boigraphy (2) concert (2) cricket world cup 2011 theme song (2) d.n. madhok (2) daag (2) danish iqbal (2) dastak (2) dattaram (2) dedh ishkiya (2) delhi 6 (2) deshi (2) dev kohli (2) devotional music (2) dhamar (2) dhaniraam (2) dhaniram (2) dharmendra (2) dhoom 3 (2) dhruvapad (2) dil aaj shayar hai gam aaj nagma hai (2) dil hi to hai (2) dilli 6 (2) dilruba (2) dipali tiwari (2) do biigha zameen (2) dr. kamala shankar (2) dr. soma ghosh (2) dr.mukesh garg (2) drut khayal (2) durlabh geeton ki duniya (2) dutta ram (2) ek charcha sangya tandon ke saath (2) ek dhakka do (2) ek manzil raahi do (2) ek parichay (2) ek raat men (2) euphoria (2) evening ragas (2) faiyaz haashmi (2) fareeda khanum (2) farhaan akhtar (2) farhan akhter (2) farhat shazad (2) farida khannum (2) film bandini (2) film bazar (2) film chashmebaddoor (2) film chitralekha (2) film dekh kabira roya (2) film dhool ka phool (2) film dhoop chhano 1935 (2) film guide (2) film hum dono (2) film kismat (2) film kshudhit pashan (2) film mugal-e-aazam (2) film narasi bhagat (2) film naubahar (2) film personalities (2) film prempatra (2) film roar - tigers of sundarban (2) film sangam (2) film sanjog (2) film sardari begam (2) film sehra (2) film shaq (2) film silsila (2) film songs of 2008 (2) filmfare report (2) filmi chakra (2) flute recital (2) folk song (2) gaman (2) gazal (2) geet (2) geet chaturvedi (2) geet gaaya patharon ne (2) ghajini (2) ghalib asad bhopali (2) ghatam (2) ghazal collections of begum akhtar (2) ghazal singer composer (2) go green (2) govind nihalani (2) grammy awards (2) greatest flute player (2) guitar (2) gulzaar birthday special (2) gumraah (2) gyaan dutt (2) gyandutt (2) habib wali mohammed (2) hafiz jalandhari (2) hai apna dil to awaara na jaane kis pe aayega (2) haqiqat (2) harindranath chattopadhyay (2) harmandir singh hamraaz (2) hasan jahangir (2) haule haule (2) helen (2) highway (2) hind yugm video (2) hind-yugm choices (2) hindi bhavan (2) hori folk songs (2) hricha mukherjee (2) hum bekhudi men tumko pukare chale gaye (2) ina meena dika (2) indu jain (2) ineterview (2) inse miliye (2) interview with kishore kumar (2) interview with rohan kapoor (2) iqubal bano (2) ismat chugtayi (2) j m soren (2) jaane tu ya jaane na (2) jab se mili tose akhiyan jiyara dole re (2) jaddan bai (2) jagdeep singh (2) jagjeet singh (2) jagjit kaur (2) jagmohan bakshi (2) janmashthmi (2) javed badayuni (2) jeena yahan marna yahan (2) jeet ganguli (2) jeet ka junoon (2) jigar muradabaadi (2) jise tu kabool kar le wo ada kahan se laaon (2) jo chala gaya use bhool jaa (2) jodha akbar (2) josh (2) josh malihabadi (2) joy kumar (2) july ke jadugar (2) junaid warsi (2) k c dey (2) k. aasif (2) k.c. dey (2) kaanchi (2) kabir by abida (2) kagaz ke phool (2) kaif bhopali (2) kajari (2) kalam aaj unki jai bol (2) kalyanj anand ji (2) kamal dasgupta (2) kanika kapoor (2) kanu roy (2) karaoke track (2) karthik (2) kashmir (2) kashmir ki kali (2) kavita krishnamoorthy (2) kavita seth (2) kavitanjali (2) kavitayen (2) khuda ke liye (2) khwaza ahmed abbas (2) khyyam (2) kismat (2) kitaab (2) kohinoor (2) kohra (2) krishmamohan mishra (2) krishn dayal (2) kumaar (2) kumaar aditya (2) kumar gandharv (2) laayi hayaat aaye (2) lakshmi shankar (2) lakshmikaant pyarelal (2) lambi judai (2) lata mangeshkar special (2) lata sings ghalib (2) laxmi (2) leela naidu (2) leena chandavarkar (2) lengendary actress (2) letters of ghalib (2) lok geet (2) lokgeet (2) london dreams (2) love aajakal (2) m m kreem (2) m.s. shubhlakshmi (2) madhavi bandhopadhyay (2) madhu rani (2) mahalakshmi ayyar (2) mahendra bhatnagar (2) mahiya debut song. song 21 (2) makhdoom muhiuddin (2) malvika kanan (2) manhar (2) marasim (2) master gulam haidar (2) meera (2) meet brothers anjaan (2) mehandi hasan (2) mehboob (2) mehfil-e-kahkashan (2) melody (2) memories (2) mera kuch saman (2) meri duniya hai maa (2) merry christmas (2) micheal jackson (2) microstory (2) mirza galib (2) mirzapur (2) mohammad rafi sauda (2) mohan veena (2) mohinder kumar (2) moinuddin aulliya (2) moinuddin chisti (2) monika hathila (2) monty sharma (2) morning ragas (2) mother india (2) motilal (2) mr and mrs 55 (2) muhammad husain and ahamad husain (2) mujra (2) mukhde pe gesu aa gaye aadhe idhar aadhe udhar (2) multani (2) music director n. dutta (2) music today (2) music video of the month (2) my name is khan (2) n v krishnan (2) nadeem shrawan (2) nagarjun (2) nakkara (2) nandini (2) naqsh fariyaadi hai (2) naqsh lyallpuri (2) navlekhan award (2) naya gyanoday (2) naziya hasan (2) neelesh mishra (2) neeraj guru (2) neha bhasin (2) nepali sarangi (2) new composer ghazal (2) new movie (2) new series on awaaz (2) new theatars (2) new video (2) new york (2) nigaahon ke saaye (2) nishant akshar (2) nitin dubey (2) non filmy ghazals (2) noor dewasi (2) nyay sharma (2) official trailor (2) oh re taal mile nadi ke jal men (2) old is gold special (2) old is gold weekly special (2) online (2) online kavi sammelan (2) padmini kolhapuri (2) padosan (2) pahli ghazal (2) pakistani ghazal singer (2) pamela chopra (2) pandit bheemsen joshi (2) pandit channu lal mishra (2) pandit d.v. paluskar (2) pandit govind ram (2) pandit nikhil benerjee (2) pandit raghunath seth (2) pandit rajan and sajan mishra (2) pandit sreekumar misra (2) pandit vinayak rao patvardhan (2) pankaj awasthi (2) parasmani (2) parichay (2) parveen sultana (2) perub (2) play fresh song (2) playback india vaani (2) poems for schools (2) poets of hind yugm (2) poll (2) prabha aatre (2) pradeep pathak (2) prakash mehra (2) pritam chakravarthy (2) prithviraj kapur (2) priya (2) pt. ajay chakravarti (2) pt. jasraj (2) pt. omkarnath thakur (2) pt. shrikumar mishra (2) pune (2) purab aur paschim (2) purane tarane (2) pyarelaal (2) pyasa (2) queen (2) r.c. boral (2) raag bageshri (2) raag basant bahaar (2) raag bhairav (2) raag bhairavi (2) raag chhayanat (2) raag gaud malhar (2) raag jaijaivanti (2) raag miyan ki malhar (2) raag pahadi (2) raag shankara (2) raamlaal (2) rabbi shergil (2) radio (2) radio playback artists (2) radio playback hit pared (2) radio sabrang (2) rag - bhairavi (2) rag adaana (2) rag bihag (2) rag charukeshi (2) rag chhayanat (2) rag des malhar (2) rag desi (2) rag hamir (2) rag jaijaivanti (2) rag jayjayvanti (2) rag jog (2) rag kafi hori (2) rag kalyan (2) rag kalyan or yaman (2) rag kirwani (2) rag marava (2) rag marawa (2) rag maru bihag (2) rag multani (2) rag nand (2) rag paraj (2) rag puriya dhanashri (2) rag ramkali (2) rag shuddh sarang (2) rag sohni (2) rag sur malhar (2) rag tilang (2) raga based film songs (2) ragini (2) ragmala song (2) raja hasan (2) rajasthani folk (2) rajnigandha (2) rajshree films (2) rakesh khandelwal (2) ramakant and umakant gundecha (2) raman mahadevan (2) ramgopal verma (2) ramlakshman (2) rang malhar ke (2) rare ghazals (2) rare love songs of geeta dutt (2) rashtrakavi (2) rasulan bai (2) re man sur men gaa (2) rekha (2) rekha bhardwaj (2) richa sharma (2) rishi kapoor (2) rock on (2) roshan aara begum (2) rudra (2) s p balasubramanium (2) s. janaki (2) s. n. tripathi (2) s.d. barman (2) saadgi (2) sabita banerjee (2) sachin jigar (2) sachiv dev burman (2) sadhana (2) sagar (2) sagar patel (2) sajeev saarthie (2) salil chowdhury (2) salma aaga (2) salute to the martyr (2) sameer lal (2) sangeet samraat taansen (2) sangeeta shankar (2) sanjay leela bansali (2) saptaah kii surkhiyan (2) saraswati kumar deepak (2) saraswati rane (2) sargam (2) sarod (2) sarveshwar dayal saxena (2) saturday specail (2) satyajit baroh (2) sawan kii ghata (2) school days (2) scores so far (2) season # 02 (2) seema gupta (2) shaam se aankh men (2) shabdon men sansaar (2) shafakat amanat ali khan (2) shaharyaar (2) shahida parveen (2) shahjahan (2) shahrukh khan (2) shail hada (2) shankar hussain (2) shankarrao vyas (2) shantanu moitra (2) shanti mathur (2) shashi kapoor (2) shashikala (2) shaukat ali (2) shilpa rao (2) shobha gurtu (2) shokh nazar kii bijiliyan (2) shola aur shabnam (2) shradha bhilave (2) shyaam sunder (2) shyam benegal (2) singer rajkumari (2) singer sudha malhotra (2) song from UK (2) songs (2) songs of july (2) songs of kishore kumar for amitabh bachhan (2) songs of mukesh (2) songs of o p nayyar (2) sonik omi (2) special editions (2) special feature (2) sridevi (2) srividya kasturi (2) stage shows (2) star voice of india (2) story book vimochan (2) story collection (2) story to play (2) subhojet (2) success mantra (2) sudershan fakir (2) sudhir fadke (2) sufi song (2) sujata (2) sujoi home (2) sunday ke sunday (2) suprabha sarkar (2) suraiya (2) surayya (2) surbahar (2) sushma shreshth (2) swami ramanand (2) swargoshthi 253 (2) taal se taal mila (2) tahira syed (2) talaash (2) tanvi shah (2) tapas relia (2) tappa (2) tara balakrishnan (2) tarannum malik (2) taza nazm (2) teentaal (2) teental (2) teesari kasam (2) tere sur aur mere geet (2) thandi hawa kaali ghata aa hi gayi jhoom ke (2) the return of alam aara (2) thumari bhairavi (2) tim tim tim taaron ke deep jale (2) timir baran (2) title track (2) tochi raina (2) top 10 hind films till 2000 (2) top 10 songs of year 2008 (2) top 20 songs of 2012 (2) tu rubaru (2) tulsi kumar (2) tum kahan ho (2) tum kya jaano tumhari yaad men ham kitna roye (2) udta parinda (2) unnikrishnan k b (2) uper gagan vishaal (2) upkaar (2) usha uthup (2) ustaad shayaar (2) ustad abdul rasheed khan (2) ustad akhtar ali (2) ustad amjad ali khaan (2) ustad ghulam mohamad saaznawaaz (2) ustad gulam mustafa khan (2) ustad sultan khan (2) vanaraj bhatiya (2) vanraj bhatia (2) varun dhawan (2) veena sahastabuddhe (2) vichitra veena (2) vidushi n. rajam (2) vijay anand (2) vinay prajapati nazar (2) vinayak rao patvardhan (2) vinod (2) vinod bhardwaj (2) vinod khanna (2) vipin chaudhary (2) vishesh (2) vividh bharati (2) vocal classic singer (2) wake up sid (2) whats your raashi (2) writing articles (2) yaadein (2) yaar badshah yaar dilruba (2) yaas yagana changezi (2) yaman (2) yatindra mishra (2) year 2010 songs (2) zafar gorakhpuri (2) zubeen garg (2) ओold classics (2) कमलेश्वर (2) घुघूतीबासूती (2) छोटे मियाँ (2) 10 rare songs of gulzaar (1) 100th episode (1) 14 september 2008 (1) 150 th episode (1) 1949 (1) 1956 (1) 1958 (1) 1968 (1) 1982 a love marriage (1) 2008-09 (1) 26 november (1) 2nd october (1) 3 idiots (1) 300 years completed (1) 5 years of radio playback india (1) 50th episode (1) A Service Of Love (1) A Strange Story (1) ABCD (1) ACTOR MODEL & FORMER CRICKETER SAJIL KHANDELWAL (1) AFFAN QURESHI: (1) AIR (1) AIR FM Rainbow (1) AKARSHAN (1) ARR (1) AVM (1) AZEEM NAWAZ RAHI (1) Aadar Jain (1) Aakhen (1) Aakrosh (1) Aam Adami (1) Aaran Chaudhary (1) Aarazu Lakhanavi (1) Aashim Gulati (1) Aashiqui 2 (1) Aawaaz ke vahak (1) Abhinav Shukla (1) Abhishek Kashyap (1) Abhishek Patni (1) Abrar Zahoor (1) Achchan Baai (1) Achchha Bura (1) Adbhut Samvad (1) Adhar (1) Adhatiya (1) Aditya Pathak (1) Agni Samarpan (1) Agnisamadhi (1) Ahan Shetty (1) Ahmed Sagheer Siddiqui (1) Ajat Shatru (1) Ajay Singh Rathaur (1) Ajay pandey "sahaab" (1) Akbar Ke Navaratna (1) Akeli Si (1) Akhiri Tohfa (1) Akshay Rangshahi (1) Akshay mann (1) Alokananda Dasgupta (1) Altaf Fatima (1) Amar Ujala (1) Ami Mishra (1) AmitTiwari (1) Amrit Kumbh Ki Khoj Mein (1) Amritlal Nagar (1) An Astrologer's Day (1) Anand Math (1) Anandam (1) Andhe Jahan ke Andhe Raste (1) Anil Chadda (1) Anil Vishwaas (1) Anokhi Kalakriti (1) Anshuman Jha (1) Anton Chekhov (1) Anubhav Priya (1) Anugoonj (1) Anup manchalwar (1) Anurag Arya (1) Anurag Sharma; शोभा रस्तोगी (1) Anybody Can Dance (1) Apanapan (1) Apnon Ne Loota (1) Appeal ka Jadoo (1) April 2009 (1) Arjun Gupta (1) Arjun Kapoor (1) Armaan Jain (1) Arsh Sehrawat (1) Asakti Ki Mrigtrishna (1) Asamarth Data (1) Asha Gupta Ashu (1) Ashalata Biswas (1) Ashfaq Ullah Khan (1) Ashish Bisht (1) Ashish Sankrityaayan (1) Ashlil (1) Ashok Bajpai (1) Ashok Bhatia (1) Ashok vajpayee (1) Asit Kumar Mishra (1) Assamese film music (1) Athanni Ka Chor (1) Atma-sangeet (1) Atmaram (1) Audio songs (1) August (1) Aurangzeb (1) Avanish Gautam (1) B.L Nastik (1) BHK (1) BIBO (1) Babu Ki Badli (1) Badchalan (1) Bade Ghar Ki Beti (1) Bahubali 2 The Conclusion (1) Baizzat Bari (1) Bal Mukund Gupta (1) Balkavi Bairagi (1) Banka Zamindar (1) Bankim Chandra Chattopadhyay (1) Barish (1) Bechara Bhala Admi (1) Begum Jaan (1) Bekhud (1) Bemel Vivah (1) Benazara (1) Bhagvati Charan Varma (1) Bhagwan Raam (1) Bhakti Kaal (1) Bharat Mata par geet (1) Bhola (1) Bhookh (1) Bhool Bhuliya (1) Bhupendra Kumar (1) Bikharate Rishte (1) Bohni (1) Bore (1) Brocheta Espanya (1) Buddhijiviyon Ka Dayitva (1) Butarkhaunki (1) C.I.D (1) CAS studio (1) CHAYAGEET (1) CINE PAHELI MAHAMUKABALA (1) Campus (1) Canberra Radio (1) Chamchasan (1) Chandrashekhar Phanase (1) Channulal Mishra (1) Chappal (1) Char Bete (1) Chara Machine (1) Charles (1) Chatterjee (1) Chaube Ji (1) Cheel (1) Chester Bennington (1) Chetas Pandey (1) Chhannulal (1) Chhipkali Adami (1) Chhota Jadugar (1) Chhote Miyan (1) Chirag Jain (1) Chirag Paswan (1) Chitrangada (1) Chori Ka Arth (1) Chris Cornell (1) Cine Paheli 67 (1) Cine Paheli 75 (1) Cine Paheli 78 (1) Cine Paheli 79 (1) Cine Paheli 80 (1) Cine Paheli 81 (1) Comrade (1) Cycle ki Savari (1) D-lab hyderabaad (1) DDLJ (1) Daadara (1) Daadaraa (1) Dadi Jee Ki Chidiya (1) Dadra (1) Dag Dehalavi (1) Dajyu (1) Dakshin Bharat (1) Daler Mehndi (1) Dard E Disco (1) Dard Ki Mehak (1) Darshan Singh Ashat (1) Darshan do ghanshyam (1) Datta Davajekar (1) Daur saifi (1) David (1) Dawat (1) Deepika Padukon (1) Deputy Collector: Harishankar Parsai (1) Devendra Pathak (1) Devi (1) Dhamaar (1) Dheemi (1) Dhela Patta (1) Dhrupad Rag Bhairavi (1) Digvijay Singh Pariyar (1) Dinesh Mehta (1) Do Hath (1) Doosara Kamra (1) Doosri Shadi (1) Dr Preeti Prakash Prajapati (1) Dr Rekha Vyas (1) Dr. Amar Kumar (1) Dr. Kirit Chhaya (1) Dr. M. Balmurali Krishna (1) Dr. Mridul Kirti (1) Dum Dum (1) Durga Ka Mandir (1) EK GEET SAU KAHANIYAN 100 (1) EK GEET SAU KAHANIYAN 86 (1) EK GEET SAU KAHANIYAN 93 (1) EK GEET SAU KAHANIYAN 95 (1) EK GEET SAU KAHANIYAN 96 (1) EK GEET SAU KAHANIYAN 98 (1) EK GEET SAU KAHANIYAN 99 (1) EKGEET SAU KAHANIYAN (1) Ek Ashuddh Bevaqoof (1) Ek Gadha Nefa Mein (1) Ek Padhi Likhi Stri (1) Ek Raat (1) Ek Thi Daayan (1) Ek Tokri Bhar Mitti (1) Ek Vichitra Kahani (1) Ekansh Bhardwaj (1) Ekta Agarwal (1) Ektaal (1) Episode 01 (1) Episode 9 (1) F C Mehra (1) FICCI auditorium (1) FIRST AND SECOND MAHAVIJETA (1) Faisala (1) Fariyal (1) Fark (1) Farukh Kaisar (1) Favorite songs (1) Female duet (1) Feri Vala (1) Film - Aapki Seava Men (1) Film - Bajuband (1) Film - Bekasoor (1) Film - Bhartrihari (1) Film - Bideshiya (1) Film - Chitralekha (1) Film - Devdas (1) Film - Dil Hi To Hai (1) Film - Dooj Ka Chand (1) Film - Ladaki (1) Film - Main Suhagan Hoon (1) Film - Malhar (1) Film - Manzil (1) Film - Pakiza (1) Film - Ramrajya (1) Film - Saaj (1) Film - Sautela Bhai (1) Film - Shaq (1) Film - Street Singer (1) Film - Swami (1) Film -Nai Umar Ki Nai Fasal (1) Film Aarati (1) Film Amar (1) Film Babar (1) Film Bhinna Shadaj (1) Film Dadi Man (1) Film Gaman (1) Film Mother India (1) Film Naubahaar (1) Film Sanskar (1) Film Sant Gyaneshwar (1) Film Seema (1) Film Son Of India (1) Film Surat aur sirat (1) Film Tajmahal (1) Film naya andaz (1) Folk Kajari Songs (1) Folklore (1) Fun Asia (1) Fusion music (1) G S Kohali (1) GAK (1) GUDIA HAMSE ROOTH RAHOGI (1) Gair Mulki Ladki (1) Ganapat vandana (1) Ganapati bappa morya (1) Ganja (1) Garajpal Ki Chitthi (1) Gate (1) Gaurav Ajay Kaura (1) Gaurav Arora (1) Gaurav Sharma (1) Gaurav Vashishtha (1) Gautam Gulati (1) Gautam Rajrishi (1) Gautam Rode (1) Geet Ateet 03 (1) Geetkar (1) Ghar Aur Bahar (1) Gharjamai (1) Gheesa (1) Ghoos De doon Kya (1) Ghughuti Basuti (1) Girish Taurani (1) Gopal Prasad Vyas (1) Greeting card (1) Guitar Recital (1) Gujarati (1) Gulelbaz Ladka (1) Gulli Danda (1) Gummi (1) Gururbrahma (1) Gyan Prakash Singh (1) Gyan Prakash Vivek (1) Gyani (1) HERO HONDA SA RE GA MA PA (1) HMV (1) HORI THUMARI (1) Haan Deewana hon main (1) Half Girlfriend (1) Hamara Khandan (1) Hamara Mulk (1) Hans Christian Andersen (1) Hansi (1) Hansraj Sugya (1) Har Ki Jeet (1) Hari Krishna Devsare (1) Harkeerat Heer (1) Harmonium (1) Harshvardhan Kapoor (1) Harshvardhan Rane (1) Harsukh Bhatt (1) Hathon mein machhliyan (1) Hello tunes (1) Hema Sardesaai (1) Hemant Foundation (1) Hind Yugm Publication (1) Hindi Akademy (1) Hindi Karyakram (1) Hindi Story narrator (1) Hindi caller Tune... (1) Hindi film film released in 2008 (1) Hindi goshthi (1) Hindi ringtones (1) Hindi sugam Sangeet (1) Hindyugm ki kahani (1) Holi Ke Rang Tesu Ke phool (1) Homaira Rahman (1) Hum Dekhenge (1) Humaira Rahman (1) I hate luv storys (1) Ibadat (1) Ibn e Insha (1) Idgaah (1) Images of Kumbh Mela (1) Imandar (1) Imran Abbas (1) Inkaar (1) Interview with Digvijay Singh Pariyar (1) Intezar (1) Invitation (1) Irshad (1) Ishmit Singh (1) Isteefa (1) Jaa Re Ud Jaa Re (1) Jaane kya ho gaya (1) Jalta hai Badan (1) Japanese (1) Jay Shankar Prasad (1) Jeena isi ka naam hai (1) Jhalmala (1) Jhanki (1) Jhaptal (1) Jhooth Barabar Tap Nahin (1) Jin Raton ki bhor (1) Jism Kamane Nikal Gaya Hai (1) July (1) Junaid Wasi (1) June 2009 (1) Juniana Lanning (1) Jyotish Joshi (1) Jyotishi Ka Naseeb (1) Jyotsana Pandey (1) K.J. Yeshudas (1) KAHAKASHAN 25 (1) Kaash (1) Kachhua aur Khargosh (1) Kai Po Che (1) Kailash vajpayee (1) Kaka Hathrasi (1) Kalakaar Kaise Kaise (1) Kalyanji Anandji (1) Kalyug (1) Kamzor (1) Karan Kundra (1) Karanvir Sharma (1) Karma Ji Ki Tunn Parade (1) Kashmakash (1) Katti batti (1) Kaushal (1) Kauwa (1) Kavi Ka Sath (1) Kavigoshthi (1) Kavita Patowary (1) Kayar (1) Keshav Kumar 'Karn' (1) Khalil Gibran (1) Khari Boli (1) Khat Jo Likha Nahin Gaya (1) Khoobsurat Hain Aankhen Teri (1) Khoon Do (1) Khurshid Bano (1) Kiran Sindhu (1) Kishor Kumar Khorendra (1) Kranti (1) Kranti Trivedi (1) Krishna Chaturvedi (1) Krishnamoahan Mishra (1) Kuchh Kuchh Sabko Milta Hai (1) Kuldeep Anjum (1) Kunal Verma (1) Kunwar Shyam (1) Kusum Sharma (1) Kutta (1) Kutte Ki Dua (1) Kya Ve Unhen (1) Kya bhuloon kya yaad Karoon (1) Ladki Thi Vah (1) Ladkiyan (1) Lady Sriram College (1) Lakshamikant Pyarelal (1) Lalit Mohan Trivedi (1) Late Hemant (1) Laton Ke Bhoot (1) Listen (1) Loongi Lota aur Salaam (1) Lost Without You (1) M M Keeravani (1) MUHAMMAD WALEED MUSTAFA:Lead vocalist (1) Maa (1) Madhav Nagda (1) Madhavrao Sapre (1) Madhuri Joglekar (1) Madhuri Lata Pandey (1) Madhyam Vargiya Kutta (1) Mahashweta devi (1) Mahavijeta Special (1) Mahavir Aur Gadiwan (1) Mahotsav (1) Main Ek Bhartiya (1) Main ek bachche ko pyar kar rahi thi (1) Malti Joshi (1) Malvika Nirajan (1) Mamta (1) Mamta Ki Chhaon Mein (1) Mandir aur masjid (1) Manjushree (1) Manmohan Bhatia (1) Mannu Bhandari (1) Manohar Kahani (1) Mauzi Babu (1) Megan Mylan (1) Meherunnisa (1) Meherzan Mazda (1) Mele Ka Oont (1) Mere zazbaat (1) Meri bhains Ko Danda (1) Mintu (1) Mirage (1) Model & Actor (1) Mohammad Safi (1) Mohan Das (1) Mohit Suri (1) Motor Ki Chhinte (1) Mrinal Pandey (1) Muhammd Rafi (1) Mukesh Garg (1) Mukesh Pandey (1) Mummy ke super star (1) Mundan (1) Munia Ka Bachpan (1) Munish Sharma (1) Munshi Nawal Kishore (1) Murder 3 (1) Music - Timir Baran (1) Music Director - Roshan (1) Music Director Ravi (1) NIGAAHEN MILANE KO JEE CHAHTA HAI (1) Namak Ka Daroga (1) Nar Ho Na Nirash Karo Mann Ko (1) Naresh Rana (1) Nasihaton ka daftar (1) Nasoor (1) National poet (1) Naukari Ramesh Battra (1) Naveen Kumar (1) Naya Saal (1) Nayan (1) Nazar laagi raaza (1) Neeraj Basliyal (1) Neeraj Goswami (1) Neki (1) Nirmal Verma (1) Nirvasan (1) Nitin Vyas (1) Nitya Shefali (1) Nivedhitha (1) O Re Kaharo (1) O jane wale balamwa (1) O.P. Naiyar (1) OLD CHAITI GEET (1) Om Arya (1) Oranges (1) P Bhavini (1) P C Rampuria (1) PSVB (1) Pachhaheen Thumari (1) Padumlal Punnalal Bakshi (1) Paheli (1) Pakshi Aur Dimak: Muktibodh (1) Palash (1) Panchlight (1) Pandit Bade Ramdas Mishr (1) Pandit Balavant Rao Bhatt (1) Pandit Indra (1) Pandit Mallikarjun Mansur (1) Pandit Rajan & Sajan Mishra (1) Pandit Ulhas Kashalakar (1) Pandit Vinayakrao Patavardhan (1) Pani Ki Jati (1) Parivartan (1) Parvat Yatra (1) Patita (1) Patjhad Sawan Vasant Bahar (1) Patni Ka Patra (1) Patni Se Pati (1) Patriotic Songs (1) Peeli Chhatari waali ladki (1) Pet ka kachhua (1) Phanishwar Nath Renu (1) Phillauri (1) Photographer (1) Piya Milan Ko Jaana (1) Piyush K Mishra (1) Poonam Jain (1) Poonam Srivastava (1) Poori Qaaynaat (1) Poorna (1) Poos Ki Raat (1) Popular Song (1) Pradeep Kumar (1) Prafull Patel (1) Prakash Badal (1) Prakash Pictures (1) Preetam (1) Preeti Mehta (1) Prem Gali Ati (1) Prof Namvar Singh (1) Pt Narendra Sharma (1) Pt. Govindrao Patavardhan (1) Pt. Manohar Chimote (1) Pt. Ramprasad Bismil (1) Purab Aur Pashchim (1) Puranchand Wadali (1) Puraskar (1) Pushpa (1) Pushpa Pagdhare (1) Putra Prem (1) Pyar Ki Dastan (1) Pyar kar le (1) Pyarelal Wadali (1) Pyase Panchhi (1) Qais Jaunpuri (1) Qatil (1) Qaumi Ekata (1) R K Narayan (1) R. Sudarshanam & Dhaniram (1) RDB (1) ROAR Tigers of the Sundarbans (1) RPI Archive (1) Raag - Bhairavi (1) Raag - Pilu (1) Raag Jayant Malhar (1) Raag Mira Malhar (1) Raag Miyan Malhar (1) Raag Pilu (1) Raag Ramdasi Malhar (1) Raag Sur Malhar (1) Raam Charit Manas (1) Raavi Paar (1) Race 2 (1) Rachana Bajaj (1) Rag - Adana (1) Rag - Desh (1) Rag - Hemant (1) Rag - Kafi (1) Rag - Kafi Kanhada (1) Rag - Khamaj (1) Rag - Kiravani (1) Rag - Mishr Khamaj (1) Rag - Pahadi (1) Rag - Sindhu Bhairavi (1) Rag Bheempalasi (1) Rag Kaafi (1) Rag Kedaar (1) Rag Nilambari (1) Rag Puriyadhanashri (1) Raga Bhairavi (1) Raga Megh Malhar (1) Raga Pahadi (1) Raga Todi (1) Rahogi Tum Vohi (1) Rail (1) Rain (1) Raj Pandit (1) Rajeev Sharma (1) Rajendra yadav (1) Rajesh Bisen (1) Rajeshwari Dasgupta (1) Raju Ke Nam Ek Patra (1) Raku (1) Ram murari (1) Ramakant & Umakant Gundecha (1) Ramesh Chellamani (1) Ramlal (1) Ramnavami (1) Ramrajya (1) Ramya Behara (1) Rana Daggubati (1) Rangrez (1) Ranjana Joglekar (1) Rashi (1) Rashmi Swaroop (1) Rashtra kavi (1) Rasik Sampadak (1) Rasulanbai (1) Rathvaan (1) Ration card (1) Razia Akbar Mirza (1) Reema Lagoo (1) Rehman (1)