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नया ओरिजिनल - सेंटी

मंगलवार, 21 मई 2013

जम्बक की डिबिया - सुभद्रा कुमारी चौहान

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में पी. सी. रामपुरिया की व्यंग्यात्मक कहानी "ताऊ" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं हिन्दी की प्रसिद्ध साहित्यकार सुभद्रा कुमारी चौहान की मार्मिक कहानी जम्बक की डिबिया जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी "जम्बक की डिबिया" का गद्य गद्यकोश पर उपलब्ध है। इस कथा का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 10 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।




सुभद्रा कुमारी चौहान एक कवियत्री होने के साथ-साथ स्वाधीनता संग्राम की सेनानी भी थीं। सुभद्रा कुमारी चौहान (१६ अगस्त १९०४ - १५ फरवरी १९४८)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

“बिना देखे कैसे किसी को कुछ कहा जा सकता है। ”
 (सुभद्रा कुमारी चौहान रचित "जम्बक की डिबिया" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
 यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
जम्बक की डिबिया MP3

#18th Story, Taau: Subhadra Kumari Chauhan/Hindi Audio Book/2013/18. Voice: Anurag Sharma

सोमवार, 20 मई 2013

औरंगजेब - सपनों के लिए चुकाई अपनों की कीमत

प्लेबैक वाणी - 46 - संगीत समीक्षा - औरंगजेब

इश्क्जादे फिल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अर्जुन कपूर की दूसरी बहुप्रतीक्षित फिल्म औरंगजेब इस सप्ताह प्रदर्शित हुई है. इस फिल्म में ऋषि कपूर, जैकी श्रोफ और पृथ्वीराज प्रमुख भूमिकाओं में हैं. आज देखते हैं कि इस फिल्म का संगीत कैसा है. इस फिल्म के गानों को संगीतबद्ध करा है विपिन मिश्रा और अमर्त्य रोहत ने. गानों के बोल लिखे हैं विपिन मिश्रा, पुनीत शर्मा और मनोज कुमार नाथ ने.

इस एल्बम का पहला गाना है बरबादियाँ. यह गाना काफी सुना जा रहा है आजकल. इसे गाया है मशहूर पाकिस्तानी गायिका सलमा आगा की बेटी साशा आगा ने जो खुद भी इस फिल्म से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत कर रही हैं. साशा का साथ दिया है राम संपथ ने. यह गाना पार्टियों में खूब बजने वाला है.

जिगरा फकीरा इस एल्बम का दूसरा गाना है. इसे आवाज़ दी है कीर्थी सगाथिया ने. इस गाने में गिटार का इस्तेमाल अच्छे से किया गया है. पंजाबी शब्दों का भरपूर इस्तेमाल करा गया है. यह गाना थोड़ा धीमा जरूर है पर कीर्थी ने इसके साथ पूरा न्याय करा है.

बरबादी के मोहन की आवाज़ में है. गाना काफी धीमा है पर ऑंखें बंद करके सुना जाये तो एक नशे का आभास देता है. यह बहुत ही मधुर गाना है.

अगला गाना औरंगजेब उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाता. यह गाना भी काफी धीमा है. यह गाना औरंगजेब की कहानी को बयां करता है. यह गाना थोड़ा बेहतर हो सकता था

अगला गाना है औरंगजेब का रौक संस्करण. जैसा कि नाम से लगता है यह गाना काफी तेज है जिसे विपिन मिश्रा ने खुद गाया है और संगीतबद्ध करा है. यह गाना औसत है.

इस एल्बम में 4 इंस्ट्रूमेंटल भी हैं. कुल मिलकर यह एल्बम ठीक ठाक है. रेडिओ प्लेबैक इंडिया इसे दे रहा है 3 की रेटिंग 5 में से.
यदि आप इस समीक्षा को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
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